पिछले कई दिनों से देश में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले 40-50 हजार के बीच बने हुए थे, लेकिन बीते 24 घंटे में यह संख्या घटकर अब 39,796 हो गई है। हालांकि रोजाना हजारों की संख्या में लोग कोरोना से ठीक भी हो रहे हैं। देशभर में अब तक इस महामारी से दो करोड़ 96 लाख से अधिक लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। इससे कोविड से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 97.11 फीसदी हो गई है। फिलहाल चार लाख 82 हजार से अधिक कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा है। वही, देशभर में टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 35 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं, लेकिन इस बीच तीसरी लहर को लेकर भी बातें चलने लगी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या टीकाकरण से तीसरी लहर को रोका जा सकता है, आखिर कोरोना वायरस के केस आने कब कम होंगे? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना वायरस के केस आने कब कम होंगे, क्या तीसरी लहर को रोक पाएगा टीकाकरण?
Mon, 05 Jul 2021 09:27 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 05 Jul 2021 09:27 AM IST
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कोरोना वायरस
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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एक बार फिर लोग सिंगल मास्क प्रयोग करने लगे हैं, क्या ये सही है?
- दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल के डॉ. (लेफ्टिनेंट जनरल) वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'मास्क को लेकर किसी एक देश में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बहुत रिसर्च हुई हैं। इसमें पाया गया कि तीन तरह के मास्क हैं। कॉटन, सर्जिकल और एन-95 वाले मास्क। इसमें एन-95 मास्क सबसे ज्यादा सुरक्षा देते हैं, इसलिए इसका ज्यादातर प्रयोग डॉक्टर करते हैं। सामान्य लोग, अगर घर में कोई आए या आस-पास जा रहे हैं तो जल्दी में कॉटन के मास्क ही लगा लेते हैं। अगर बाहर जा रहे हैं, तो कॉटन के साथ सर्जिकल मास्क भी लगा लें, ताकि वायरस के संक्रमण से बचने की संभावना बढ़ जाए। किसी कोविड मरीज से मिलने जा रहे हैं तो डबल मास्क भी चलेगा या एन-95 भी लगा सकते हैं।'
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कोरोना वायरस के केस आने कब कम होंगे?
- डॉ. वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'बार-बार कहा जा रहा है कि वायरस अभी भी हमारे आसपास मौजूद है। अभी रूस, जापान जैसे कई देशों में एक बार फिर केस बढ़ने लगे हैं। कहने का अर्थ ये है कि अगर अनलॉक होगा और लोग ढिलाई करेंगे तो केस फिर से बढ़ेंगे। इन दिनों हम एक बार फिर वही देख रहे हैं, लोग बाहर जा रहे हैं, उनमें से ही कई लोग संक्रमित हो रहे हैं। ज्यादातर युवा, जिन्हें वायरस से बचने के बारे में सब कुछ पता है, फिर भी बाहर जाने पर लापरवाही कर रहे हैं, तो ऐसा न करें। तभी केस और नीचे आएंगे। इसके अलावा तीसरी लहर को आने से भी रोकना है।'
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कोरोना की दूसरी लहर थम रही है, क्या खतरा कम हो रहा है?
- डॉ. वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'महामारी के सभी वायरस अक्सर वेव (लहर) में आते हैं। हमारे देश में ही जब पहली लहर आई यानी शुरुआत हुई तो लॉकडाउन लगा, जिससे केस थम गए। उसके बाद अनलॉक किया गया, लोगों ने अनलॉक को मान लिया कि वायरस खत्म हो गया। इसकी वजह से दूसरी लहर देखी। दूसरी लहर में काफी संक्रमण फैला, जिसे कम करने के लिए एक बार फिर लॉकडाउन लगा। लेकिन इस बार पहले वाली लापरवाही न करें, जैसे अभी से तीसरी लहर की संभावना जताई जाने लगी है। इसलिए इस बार बाहर जाएं, लेकिन कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना न भूलें। खतरा कम नहीं हो रहा है, बस दूसरी लहर खत्म हो रही है।'
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तीसरी लहर को रोकने में वैक्सीनेशन की क्या भूमिका है?
- डॉ. वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'वैक्सीन से वायरस की गंभीरता कम होती है। ऐसे में अगर किसी वैक्सीन लगाए हुए व्यक्ति में वायरस का संक्रमण हुआ, तो उसमें बीमारी गंभीर नहीं होगी और वो ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ते में ठीक हो सकता है। लेकिन वैक्सीन एक साइंस है, कोई जादू की छड़ी नहीं है कि लगवाई और वायरस गायब। आप समझें, जैसे पोलियो है, एचआईवी है, ये वायरस अभी भी हमारे बीच मौजूद हैं, खत्म नहीं हुए हैं। लेकिन इनकी दवा या वैक्सीन बीमारी को कम कर देती हैं।'