फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सर्वाइकल पेन: गर्दन घुमाते ही होता है तेज दर्द? इस एक आदत ने बढ़ा दिया है खतरा, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

Wed, 26 Aug 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Wed, 26 Aug 2026 08:40 AM IST
सार

युवाओं में लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल इस्तेमाल, गलत पॉश्चर, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण गर्दन के दर्द की समस्या बढ़ सकती है। सर्वाइकल के दर्द से बचने के लिए सही मुद्रा में बैठे, काम से नियमित ब्रेक ले और स्क्रीन की उचित आंख के सामने तक की रखें।

विज्ञापन
Why Neck Pain Is Increasing Among Young Adults Cervical Pain in Young Adults risk in hindi
गर्दन में दर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com

क्या आपको भी अक्सर गर्दन में दर्द होता रहता है, इतना दर्द होता है कि गर्दन को घुमाने में भी दिक्कत होती है? अक्सर लोग इसे थकान या गलत तरीके से सोने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बैठने के बाद गर्दन और कंधों में जकड़न महसूस होती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।



लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले युवाओं में गर्दन और रीढ़ से जुड़ी परेशानियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। ये सर्वाइकल की समस्या का संकेत भी हो सकता है।

सर्वाइकल स्पाइन से जुड़ी समस्या में गर्दन के आसपास दर्द, अकड़न या भारीपन महसूस हो सकता है। कुछ लोगों में यह दर्द कंधे, हाथ या सिर तक भी पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठने, मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव, तनाव, चोट के कारण ये दिक्कत हो सकती है। कुछ मामलों में नस पर दबाव पड़ने से भी दर्द और दूसरे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

Why Neck Pain Is Increasing Among Young Adults Cervical Pain in Young Adults risk in hindi
गर्दन में दर्द - फोटो : Freepik.com

लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना बन रहा बड़ी वजह

ऑफिस में घंटों कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करना गर्दन के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर अगर स्क्रीन बहुत नीचे हो और लगातार सिर झुकाकर काम करना पड़े तो समस्या बढ़ जाती है।
 

  • एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठे रहने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर लगातार दबाव बना रहता है। धीरे-धीरे उनमें खिंचाव और जकड़न महसूस होने लगती है।


इससे बचने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन को सामने और लगभग आंखों के स्तर पर रखना बेहतर होता है। काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है। लगातार कई घंटे एक ही मुद्रा में बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना और गर्दन-कंधों को आराम देना फायदेमंद हो सकता है।

Why Neck Pain Is Increasing Among Young Adults Cervical Pain in Young Adults risk in hindi
गर्दन-कंधे का दर्द - फोटो : Adobe Stock

 तनाव भी बढ़ा सकता है गर्दन का दर्द

गर्दन में दर्द की वजह केवल गलत पॉश्चर नहीं है। लगातार मानसिक तनाव में रहने पर शरीर की मांसपेशियों में अनजाने में खिंचाव बढ़ सकता है। इसका असर खासतौर पर गर्दन और कंधों के आसपास महसूस होता है। अगर तनाव के साथ लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना भी जारी रहे, तो परेशानी और बढ़ सकती है।
 

  • इसके अलावा गिरने, खेल के दौरान चोट लगने या गर्दन और रीढ़ की किसी चोट के बाद भी दर्द शुरू हो सकता है।
  • रीढ़ की डिस्क या नस पर दबाव जैसी स्थितियां भी गर्दन के दर्द का कारण बन सकती हैं।
  • अगर दर्द लगातार बना रहे या उसके साथ हाथ में झनझनाहट, कमजोरी जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Why Neck Pain Is Increasing Among Young Adults Cervical Pain in Young Adults risk in hindi
गर्दन में दर्द से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com

 इस समस्या से कैसे बचें?

गर्दन के दर्द से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में कुछ छोटे बदलाव काफी मददगार हो सकते हैं। काम करते समय पीठ और गर्दन को सीधा रखें और डेस्क-कुर्सी की ऊंचाई अपने हिसाब से सेट करें। कंप्यूटर स्क्रीन को बहुत नीचे या बहुत ऊपर रखने से बचें।
 

  • थोड़ी-थोड़ी देर में काम से छोटा ब्रेक लें और शरीर को थोड़ा मूव करें।
  • गर्दन को बिना जोर लगाए धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाने जैसी हल्की एक्सरसाइज की जा सकती है।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम भी शरीर की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करते हैं।
  • मोबाइल चलाते समय लगातार गर्दन झुकाकर बैठने से बचें।
  • सोते समय भी ऐसी स्थिति रखें जिसमें गर्दन पर अनावश्यक दबाव न पड़े। 



अगर गर्दन का दर्द बार-बार हो रहा है, कई दिनों तक बना रहता है या हाथ-पैर में कमजोरीऔर झनझनाहट जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ की सलाह लें।






--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed