Medically Reviewed by Dr. I.N. Vajpai
न्यूरो सर्जन
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), एमसीएच (न्यूरो सर्जरी), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
अनुभव- 45 वर्ष
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है और ऐसे में लोग तरह-तरह की परेशानियों और बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं। गर्दन के पीछे दर्द भी इन दिनों की सबसे आम समस्या है। यह समस्या एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठने, सही मुद्रा में न सोने और अचानक गर्दन में नस चढ़ने की वजह से हो सकती है। वैसे तो यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन अगर इसे ज्यादा समय तक नजरअंदाज किया, तो यह बड़ी समस्या जरूर बन सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह छोटी सी समस्या आगे चलकर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस में बदल सकती है। गर्दन में दर्द और अकड़न, सिर दर्द और कंधे के आसपास दर्द या कंधे में अकड़न इसके आम लक्षणों में से हैं। वैसे यह समस्या आमतौर पर अधेड़ उम्र और बुजुर्गों की आबादी को प्रभावित करती है। अगर आप मध्यम आयु वर्ग के हैं तो संभव है कि गर्दन का दर्द आपकी उम्र से संबंधित हो। आइए जानते हैं कि इस दर्द से कैसे निजाप पाया जा सकता है?
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गर्दन के पीछे दर्द से छुटकारा पाने के उपाय
- अगर आपकी गर्दन में दर्द है तो इसे दूर करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। इसमें दो से तीन मिनट अपने सिर को आगे की ओर और पीछे की ओर घुमाएं। इससे गर्दन लचीली और इसके साथ-साथ मजबूत भी होती है। इसके अलावा सही मुद्रा में रहने और पर्याप्त धूप लेने से भी इस तरह के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।
दर्द बढ़े तो क्या करें?
- जब गर्दन के पीछे दर्द ज्यादा बढ़ जाए, तो पानी को हल्का गर्म कर लें और उसमें नमक डालकर सूती कपड़े से गर्दन की सिकाई करें। अगर दर्द से जल्दी राहत चाहिए, तो दिनभर में कम से कम तीन से चार बार सिकाई करें। इससे बहुत फायदा मिलेगा। इस बीच आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं।
खाने में पौष्टिक चीजें शामिल करें
- अगर आप अपने खाने में उन चीजों को शामिल करते हैं, जो आपको पोषण प्रदान करें, तो आपको किसी भी तरह के दर्द की समस्या होने की संभावना बहुत कम होगी। आप अपने आहार में विटामिन-डी और कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करें।
ऐसा करेंगे तो नहीं होगी गर्दन के पीछे दर्द की समस्या
- जब भी बैठें या लेटें, तो ध्यान रखें कि गर्दन सीधी हो
- जब भी गाड़ी चलाएं, पीठ को सीधा रखें
- अच्छे गद्दे पर सोएं
- सोते समय नरम और कम ऊंचाई वाला तकिया लगाएं
नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है।
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