दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। देश में भी हर दिन कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद (ICMR) के अनुसार भारत में अभी कोरोना संक्रमण दूसरे स्टेज में है, लेकिन कम्यूनिटी ट्रांसमिशन यानी सामुदायिक प्रसार बढ़ा तो इसे संभालना चुनौती भरा हो जाएगा। इस तीसरे स्टेज से बचने के लिए ही देश के कई शहरों में लॉकडाउन का आदेश दिया गया है। विदेश से भारत लौटे सभी लोगों का क्वारंटीन और देश में रह रहे लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग में आपको अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना जरूरी है।
#LadengeCoronaSe: लॉकडाउन से घबराएं नहीं, ये सात उपाय मन को रखेंगे शांत और आप रहेंगे खुश
कोरोना संक्रमण को रोकने में सोशल डिस्टेंसिंग की बड़ी भूमिका है। इसलिए कहा जा रहा है कि भीड़-भाड़ से दूर रहें। इस स्थिति में घर में बैठे-बैठे बोर होना और कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों और उससे ज्यादा सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से परेशान हो जाना स्वाभाविक है। ऐसे में आपको घर में रहते हुए अपने मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए हम कुछ उपायों की चर्चा कर रहे हैं, जो वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होंगे।
सोशल मीडिया पर अपनों से जुड़े रहें
दफ्तर या अन्य कार्यस्थल पर लोगों से मिलना-जुलना लगा रहता था। अब ऐसा नहीं होने पर आप थोड़े परेशान हो सकते हैं। लेकिन सोचने वाली बात ये है कि आपको बस शारिरिक तौर पर लोगों से दूरी बनाए रखनी है। इसका ये मतलब कतई नहीं कि आप अपनी दोस्ती या रिश्ते खत्म कर लें। आप अपने प्रियजनों से, दोस्तों से सोशल मीडिया पर जुड़े रहें। उन्हें फोन करें, मैसेज करें, उनसे खूब बातें करें। वॉट्सएप या फेसबुक मैंसेजर पर वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। कोई परेशानी हो तो उनसे शेयर करें। ऐसा करना आपको मेंटली फिट रखेगा।
अफवाहों से दूर रहें, प्रमाणिक खबरों पर करें भरोसा
इस समय में कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया में बहुत सारी अफवाहें फैल रही हैं। कभी गर्म पानी पीने से कोरोना मर जाएगा, कोरोना से बचना है तो धूप में बैठें वगैरह-वगैरह ऐसी बहुत सी खबरें आ रही हैं, जिनका कोई आधार नहीं है। इनपर बिल्कुल भरोसा न करें। उन्हीं खबरों पर यकीन करें, जो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल जैसी स्वास्थ्य संस्थाओं जैसे प्रमाणिक सूत्रों से आई खबरों पर ही यकीन करें और उनके दिशानिर्देशों का पालन करें। अमर उजाला न केवल आपको सही खबरें देता है, बल्कि अफवाहों का फैक्ट चेक कर उनका खंडन भी करता है और आपको सच्चाई से रूबरू कराता है।
पड़ोसियों से बातचीत करें, अच्छा लगेगा
समय के साथ संयुक्त परिवार की परंपरा काफी कम हो गई है। ऐसे में लाखों लोग एकल परिवार यानी सिंगल फैमिली के रूप में रह रहे हैं। खासकर दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू जैसे शहरों में बहुत सारे परिवार अकेले रह रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के चलते घर में सिमट जाने पर ज्यादा अकेलापन महसूस होना आम बात है। इस स्थिति में डिप्रेशन हो सकता है और घबराहट, हार्ट डिजीज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इनसे बचाव के लिए आप अपने पड़ोसी से पर्याप्त दूरी बनाए रखते हुए बातचीत कर सकते हैं। बालकनी में खड़े होकर या फिर शाम को छत पर जाकर आप आसपड़ोस के लोगों से बातें कर सकते हैं।