कोरोना वायरस संक्रमण शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों में हृदय रोग, फेफड़ों से संबंधित समस्याएं और कुछ लोगों में मधुमेह की दिक्कत भी देखने को मिली है। इस तरह की समस्याओं को लॉन्ग कोविड के असर के रूप में देखा जा रहा है। डॉक्टरों की मानें तो लॉन्ग कोविड का असर लोगों में कई महीनों तक भी रह सकता है। हाल ही में हुए अध्ययन में विशेषज्ञों ने कोविड-19 के कारण होने वाली एक अन्य समस्या का बारे में लोगों को आगाह किया है।
अध्ययन: ऐसे लोगों की किडनी को क्षति पहुंचा सकता है कोरोना वायरस, सामने आई यह महत्वपूर्ण बात
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कोविड-19 और किडनी की समस्या
किडनी पर कोविड-19 के प्रभाव को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने लैब में मानव किडनी कोशिकाओं का अध्ययन किया है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (जेएएसएन) में प्रकाशिक अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 के शिकार रह चुके ज्यादातर लोगों में किडनी डैमेज की शिकायतें देखने को मिल रही हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह समस्या वायरल संक्रमण के प्रत्यक्ष परिणाम के कारण हो रही है या फिर संक्रमण के खिलाफ शरीर की प्रतिक्रिया के कारण?
किडनी कोशिकाओं में आसानी से प्रवेश कर सकता है वायरस
इस अध्ययन के लिए इजराइल स्थित, शीबा मेडिकल सेंटर के प्रोफेसर बेंजामिन डेकेल के नेतृत्व वाली टीम ने प्रयोगशाला में किडनी की कोशिकाओं को सार्स-सीओवी-2 वायरस से संक्रमित कर उसका अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस किडनी कोशिकाओं में प्रवेश कर न सिर्फ उन्हें संक्रमित कर सकता है, साथ ही इन कोशिकाओं में वायरस अपनी संख्या को भी आसानी से बढ़ा सकता है। हालांकि गनीमत यह है कि इस कारण से लोगों में मौत होने का खतरा न के बराबर होता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
अध्ययन के बारे में डॉ डेकेल बताते हैं, हमने अध्ययन के निष्कर्ष के दौरान पाया कि कोरोना वायरस प्रत्यक्ष रूप से एक्यूट किडनी इंजरी का कारण नहीं बनता है। इसका तात्पर्य यह है कि यदि किसी कारण से किडनी को पहले से क्षति पहुंची हो तो ऐसी कोशिकाओं में वायरस तेज से प्रवेश करके लोगों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
संक्रमण के बाद किडनी की देखभाल जरूरी
डॉ डेकेल कहते हैं कि कोरोना के रोगी यदि पहले से ही इस प्रकार की क्षति या किडनी रोगों को नियंत्रित करने का प्रयास करें तो वायरस से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को संक्रमण के बाद किडनी से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं, उनमें निश्चित ही पहले से कोई किडनी से संबंधित दिक्कत रही होगी, संभव है कि रोगियों को इस बारे में जानकारी न रही हो। इस आधार पर कहा जा सकता है कि कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों को किडनी के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Human Kidney Spheroids and Monolayers Provide Insights into SARS-CoV-2 Renal Interactions
अस्वीकरण नोट: यह लेख जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (जेएएसएन) में प्रकाशिक अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।