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कोरोना के इलाज में बड़ी उम्मीद: शरीर में टी-सेल की संख्या बढ़ाकर ठीक होगी बीमारी!

Tue, 26 May 2020 06:48 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: निलेश कुमार Updated Tue, 26 May 2020 06:48 PM IST
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Coronavirus Drug Updates: Clinical Trial, Covid 19 may be Cure by increasing T cells in the body immune system,
नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

ब्रिटेन में डॉक्टरों ने एक क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया है जिससे कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को मदद मिल सकती है। डॉक्टरों को पता चला है कि कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार लोगों में रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं (इम्यून सेल या टी-सेल) की संख्या कम हो जाती है।बीमारी को शरीर से बाहर निकाल फेंकने के लिए टी-सेल ही जिम्मेदार होते हैं।



इस क्लिनिकल ट्रायल में किंग्स कॉलेज लंदन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट और गाएज एंड सेंट थोमस हॉस्पिटल के वैज्ञानिक शामिल होंगे, जो यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या कोविड-19 के मरीजों में इंटरल्यूकिन 7 नाम की दवा टी-सेल की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकती है। आम तौर पर दूसरी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों में टी-सेल की संख्या बढ़ाने के लिए इंटरल्यूकिन 7 का इस्तेमाल किया जाता है।

Coronavirus Drug Updates: Clinical Trial, Covid 19 may be Cure by increasing T cells in the body immune system,
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

इम्यून सिस्टम
ट्रायल में शामिल डॉक्टरों ने कोविड-19 के 60 मरीजों के खून से नमूनों की विस्तृत जांच की और पाया कि इनमें टी-सेल की संख्या बेहद कम है। क्रिक इंस्टट्यूट के प्रोफेसर एड्रियन हेडे का कहना है कि कोरोना वायरस इम्यून सिस्टम को जिस तरह से नुकसान पहुंचाता है वो जानना अपने आप में "चौंकाने वाला" है।

Coronavirus Drug Updates: Clinical Trial, Covid 19 may be Cure by increasing T cells in the body immune system,
प्रतीकात्मक तस्वीर

वह कहते हैं, "हम यही मानते हैं कि हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम बीमारी के खिलाफ लड़ता है। लेकिन कोरोना वायरस एक तरह से इम्यून सिस्टम के पैरों के नीचे की जमीन ही खींच देता है। वो टी-सेल को खत्म करने लगता है।" एक स्वस्थ्य वयस्क व्यक्ति के एक माइक्रोलीटर खून में आम तौर पर 2,000 और 4,000 टी-सेल होते हैं। इन्हें टी-लिम्फोसाइट्स भी कहा जाता है। लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण में पाया कि कोविड-19 के मरीजों में इन टी-सेल की संख्या 200 से 1,200 के बीच थी।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

'हौसला बढ़ाने वाली' कोशिश
डॉक्टरों का कहना है कि इस नई जानकारी के बाद अब कोरोना मरीजों के खून में टी-सेल की संख्या के लिए 'खास टेस्ट' बनाया जा सकता है जिससे समय रहते ये पता चल सकेगा कि किन मरीजों में ये बीमारी और गंभीर रूप ले सकती है। साथ ही कम होते टी-सेल की संख्या बढ़ाने के लिए डॉक्टरों के पास इलाज की संभावना बनी रहेगी।

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कोरोना वायरस की जांच (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

गाएज एंड सेंट थोमस हॉस्पिटल में क्रिटिकल केयर कन्सल्टेन्ट मनु शकंर-हरि कहते हैं इन्टेन्सिव केयर में आने वाले मरीजों में से करीब 70 फीसदी मरीजों में प्रति माइक्रोलीटर खून में 400 से 800 टी-सेल होते हैं। मनु शकंर-हरि कहते हैं, "जैसे जैसे वो ठीक होने लगते हैं, उनके खून में टी-सेल की संख्या भी बढ़ने लगती है।" सेप्सिस से पीड़ित मरीजों के एक छोटे से समूह पर इंटरल्यूकिन 7 का परीक्षण किया गया है। इन मरीजों में ये दवा टी-सेल की संख्या बढ़ाने में सफल साबित हुई है।

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