Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
देश में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में उतार-चढ़ाव तो जारी है, लेकिन इस बीच वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने एक अलग ही चिंता पैदा कर दी है। वैसे तो इस वैरिएंट को पहले से ही खतरनाक माना जा रहा है और इस बीच मुंबई में सामने आए एक मामले ने और भी हैरान कर दिया है। दरअसल, मुंबई के घाटकोपर में एक 63 वर्षीय महिला की पिछले महीने यानी जुलाई में कोरोना से मौत हो गई थी और अब जो रिपोर्ट आई है, उसमें उसके डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि मृतक महिला पहले वैक्सीन की दोनों डोज ले चुकी थी, लेकिन उसके बावजूद वह संक्रमित हुई और फिर मौत हो गई। उस महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई थी, जिसके बाद उसे घर में ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। अब ऐसे में समझा जा सकता है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट कितना संक्रामक और जानलेवा है।
अलर्ट: कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट सबसे खतरनाक, वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी इससे मौत का खतरा
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एंटीबॉडीज से बचने में सक्षम है डेल्टा प्लस
- चूंकि मुंबई के इस मामले से वैक्सीन की प्रभावकारिता पर भी सवाल उठने लगे हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बात को लेकर पहले ही आगाह किया गया था कि डेल्टा प्लस वैरिएंट संक्रामक है और वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज से बच निकलने में सक्षम है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
डेल्टा प्लस वैरिएंट हर किसी के लिए घातक नहीं
- विशेषज्ञ कहते हैं कि यह जरूरी नहीं कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी डेल्टा प्लस वैरिएंट हर किसी के लिए घातक हो, लेकिन बुजुर्गों को अधिक खतरा जरूर है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी पहले से ही काफी कमजोर होती है और संक्रमण उन्हें और भी कमजोर कर देता है।
डेल्टा प्लस के लक्षण क्या हैं?
- तेज खांसी और जुकाम
- गले में खराश
- नाक बहना
- सिर दर्द
- सांस लेने में दिक्कत
- इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत कोरोना की जांच कराएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
डेल्टा प्लस से बचाव के उपाय क्या हैं?
- घर से बाहर जाएं तो एन-95 मास्क या डबल मास्क लगाएं।
- घर से बाहर सुरक्षित शारीरिक दूरी का ध्यान रखें।
- भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भूलकर भी न जाएं।
- समय-समय पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें।
- बाहर से घर आएं तो तुरंत कपड़ों को धो कर सूखने के लिए धूप में डाल लें और नहा लें या हाथ-पैरों को अच्छी तरह से साबुन-पानी से धो लें।
- बाहर से लाए हुए सामान को डिसइंफेक्ट करना बिल्कुल न भूलें।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।