Medically Reviewed by Dr. Ambika Prasad Yadav
डायबिटीज में ग्लाइसेमिक इंडेक्स की भूमिका बहुत ही अहम होती है, क्योंकि यह जितना कम होगा, ब्लड शुगर के स्तर में वृद्धि भी उतनी ही कम होगी। असल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों की एक रैंकिंग है, जिससे भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज में बदल जाता है, यह पता लगाया जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि पाचन के दौरान जल्दी टूट जाने वाले कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ खून में शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं और ब्लड शुगर के बढ़ने और घटने का कारण बनते हैं। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों को उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स के बजाय लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये ब्लड शुगर के स्तर को स्थित रखते हैं।
सलाह: डायबिटीज के मरीजों को करना चाहिए लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड का सेवन, जानें इसके फायदे
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लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड के फायदे क्या हैं?
- ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखते हैं।
- टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक और अल्जाइमर से बचाव करते हैं।
- प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर बनाते हैं और शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
- भूख को नियंत्रित कर वजन कम करने में भी सहायक हैं।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड में क्या खाएं?
- ताजे फल और सब्जियां खाएं
- छोले, राजमा, दाल, बीन्स और मटर खाएं
- फाइबर युक्त सब्जियों का सेवन करें (जैसे- हरी बीन्स, ब्रोकली, पत्तेदार साग, हरी सब्जियां, टमाटर, खीरा, गाजर, फूलगोभी)
- मूंगफली, अखरोट, बादाम, अलसी और सूरजमुखी के बीज को नियमित आहार में शामिल करें
ज्यादा ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड कौन से हैं?
- कद्दू, आलू, तरबूज, खजूर, फास्ट फूड, चीनी, गुड़, चॉकलेट आदि ज्यादा ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड हैं। डायबिटीज के मरीजों को इन चीजों का सेवन सोच-समझ कर और डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए, वरना ब्लड शुगर के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स तो ज्यादा होता है, लेकिन चूंकि ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, इसलिए उन्हें अपनी डाइट में लेना जरूरी होता है, जैसे आम। ऐसे में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा को कम करके उसे लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है।
नोट: डॉ. अंबिका प्रसाद यादव, वाराणसी के उजाला सिग्नस अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन, डायबिटीज और हाइपरटेंशन कंसल्टेंट हैं। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से मेडिसिन में एमबीबीएस और एमडी किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।