चीन, जापान और अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। चीन से मिल रही खबरों से पता चलता है कि वहां फिलहाल हालात काफी बदतर हैं। ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट्स के कारण अमेरिका में भी पिछले दिनों संक्रमण और अस्पतालों में लोगों की भीड़ काफी बढ़ती हुई देखी जा रही है।
Covid-19: देश में फिलहाल इन तीन वैरिएंट्स के रिपोर्ट किए गए मामले, WHO ने इनमें से एक को बताया 'सबसे खतरनाक'
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भारत में कोरोना संक्रमण के मामले
भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां स्थिति फिलहाल काफी नियंत्रित दिख रही है। पिछले 24 घंटे में 214 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने जांच और बचाव के उपायों को तेज कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल कोरोना के तीन वैरिएंट्स के मामले देखे जा रहे हैं, इन तीनों की संक्रामकता दर काफी अधिक है। इनमें से एक को अब तक का सबसे खतरनाक वैरिएंट भी माना जा रहा है।
आइए इन वैरिएंट्स की प्रकृति और संक्रामकता के बारे में आगे समझते हैं।
अमेरिका में तबाही मचाने वाले XBB.1.5 के सात मामले
अमेरिका में इन दिनों बढ़े संक्रमण के लगभग 80 फीसदी मामलों के लिए ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट XBB.1.5 को प्रमुख माना जा रहा है। भारत में भी इसके संक्रमितों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) के अनुसार भारत में अब इस वैरिएंट से संक्रमितों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। दिसंबर में पहली बार गुजरात में इसके संक्रमित की पुष्टि हुई थी।
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज बताते हैं XBB.1.5 अपने फैमिली के अन्य के सदस्यों से अलग है क्योंकि इसमें एक अतिरिक्त म्यूटेशन देखा जा रहा है जो इसे कोशिकाओं से बेहतर ढंग से बाइंड करने में मददगार बनाता है। इसकी संक्रामकता दर काफी अधिक देखी जा रही है।
चीन की मुश्किलें बढ़ाने वाला BF.7 वैरिएंट
चीन में मची कोरोना की तबाही के लिए विशेषज्ञ ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BF.7 को प्रमुख कारक मान रहे हैं। भारत में भी इसके मामले बढ़ते देखे गए हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में ओमिक्रॉन के इस सब-वैरिएंट के चार नए मामले सामने आए हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि BF.7, ओमिक्रॉन के BA.5.2.1.7 सब-वैरिएंट का ही एक म्यूटेटेड रूप है, हालांकि इसके कुछ म्यूटेशन संक्रामकता और गंभीरता को बढ़ाने वाले देखे जा रहे हैं।
BF.7 के रिप्रोडेक्शन रेट (R0) को लेकर विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट के मामले में रिप्रोडेक्शन रेट जहां 5-6 के बीच देखा जा रहा था, वहीं BF.7 के मामले में यह बढ़कर 10-18 के करीब हो गया है। यानी एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 10 से 18 अन्य लोगों को वायरस प्रसारित कर सकता है।
XBB वैरिएंट के भी केस
ओमिक्रॉन के XBB वैरिएंट को सबसे पहले भारत में देखा गया था, इन दिनों में भी देश के कुछ राज्यों में इससे संक्रमितों के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। अध्यनकर्ताओं ने इसे अति-संक्रामक वैरिएंट के रूप में बताया है। यह BA.2.75 और BA.2.10.1 के पुनः संयोजन से उत्पन्न वैरिएंट है। इसकी संक्रामकता दर और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर रोग के जोखिमों को लेकर विशेषज्ञ अलर्ट करते हैं।