फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   latest health study says low-carb diets may increase cholesterol level and risk of heart disease and stroke

सावधान: वजन घटाने के लिए लेते हैं लो-कार्ब डाइट, कहीं अनजाने में दिल को तो नहीं पहुंचा रहे नुकसान?

Fri, 28 Aug 2026 10:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 28 Aug 2026 10:23 PM IST
सार

लो-कार्ब डाइट वजन और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मदद करती है, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाली लो-कार्ब डाइट कुछ लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए कार्ब कम करने के साथ यह भी जरूरी है कि उसकी जगह स्वस्थ वसा, नट्स-सीड्स और मछली जैसे बेहतर विकल्प लिए जाएं।

विज्ञापन
latest health study says low-carb diets may increase cholesterol level and risk of heart disease and stroke
लो कार्ब डाइट से हार्ट को खतरा? - फोटो : Amarujala.com/AI

विस्तार

शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को डाइट में सुधार करने की सलाह देते हैं। डॉक्टर कहते हैं, हमारी थाली में उन चीजों की मात्रा अधिक से अधिक होनी चाहिए जिनसे शरीर के लिए जरूरी अधिकतर पोषक तत्व आसानी से प्राप्त हो सकें। भोजन में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स वाली चीजें शामिल करें। इससे वजन और शुगर लेवल को कंट्रोल रखना आसान हो सकता है।

विज्ञापन


वजन बढ़ना कई बीमारियों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है और जब बात वेट कंट्रोल की हो तो अक्सर लोगों के बीच लो-कार्ब डाइट की आपने भी खूब चर्चा सुनी होगी। माना जाता रहा है कि रोटी-चावल, ब्रेड, आलू और दूसरी कार्ब वाली चीजें कम खाने से सेहत को लाभ हो सकता है। लेकिन क्या जानते हैं कि वेट लॉस के लिए ली जाने वाली इस तरह की डाइट सभी लोगों के लिए फायदेमंद हो ये जरूरी नहीं है।
विज्ञापन


इसी को लेकर एक अध्ययन में पाया गया है कि लो कार्ब्स वाली डाइट कुछ लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को तेजी से बढ़ाने वाली हो सकती है। हाई एलडीएल को पहले से ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ धमनियों की दीवारों में फैट जमा करके नसों को संकरा करने और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाला बताते रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में सवाल ये है कि क्या लो-कार्ब डाइट नहीं लेना चाहिए? आइए जानते हैं कि इस बारे में विशेषज्ञों को अध्ययन में क्या पता चला?

latest health study says low-carb diets may increase cholesterol level and risk of heart disease and stroke
कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : freepik.com

लो कार्ब वाली डाइट के खतरे

लो कार्बोहाइड्रेट यानी ऐसी डाइट जिसमें रोटी, ब्रेड, आलू जैसी कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें कम खाई जाती हैं, आजकल काफी लोकप्रिय हो रही है। इसे वजन कम करने, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने से लेकर डायबिटीज से बचने तक के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। 

हालांकि अब एक नई रिसर्च ने इस लोकप्रिय डाइट को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन में पाया गया है कि कुछ लोगों में लो कार्ब वाली डाइट लेने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। इससे दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम भी हो सकता है, जिसको लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है।
 

  • हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों को संकरा करके हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाकर हर साल दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत का कारण बनता है।
  • गौरतलब है कि कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें शरीर को ऊर्जा देने के लिए जरूरी मानी जाती हैं।


पहले कुछ अध्ययनों में कहा जाता रहा है कि ऐसी डाइट शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाती है। ये शरीर से अतिरिक्त फैटी पदार्थ और धमनियों में जमा चर्बी को कम करने में भूमिका निभा सकती है। लेकिन नई रिसर्च से संकेत मिला है कि जिनमें पहले से हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा उनके लिए ये गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

latest health study says low-carb diets may increase cholesterol level and risk of heart disease and stroke
लो कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट - फोटो : Freepik.com

इस अध्ययन की मुख्य लेखिका एलेक्सा बराड कहती हैं, लो कार्ब वाली डाइट से कुछ लोगों को फायदा मिल सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि ये सभी लोगों के लिए फायदेमंद हो।

हर डाइड 'वन साइज फिट्स ऑल' वाले फॉर्मूले पर काम नहीं करती, यानी हर किसी के लिए किसी चीज का फायदा एक जैसा हो ये जरूरी नहीं है। अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों में आनुवंशिक यानी जीन से जुड़ा हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा था, उनमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा खाने पर बैड कोलेस्ट्रॉल में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई।

अध्ययन में क्या पता चला?

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं जांच में ये समझने की कोशिश की है कि क्या किसी व्यक्ति के जेनेटिक्स यह संकेत दे सकते हैं कि उसके लिए लो-कार्ब डाइट फायदेमंद होगी? इसके लिए 600 से अधिक वयस्कों के एक साल के ट्रायल के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
 

  • प्रतिभागियों ने हेल्दी लो-कार्ब या हेल्दी लो-फैट डाइट अपनाई थी। वजन घटाने के मामले में दोनों डाइट से विशेषज्ञों को कोई खास लाभ नहीं दिखा। 
  • इसके बाद 431 प्रतिभागियों के जेनेटिक डेटा, सैचुरेटेड फैट वाली डाइट और छह महीने में बैड कोलेस्ट्रॉल में बदलाव को समझने की कोशिश की। 
  • इसमें पाया गया कि जिन लोगों में आनुवंशिक रूप से एलडीएल बढ़ने की प्रवृत्ति थी, उनमें लो-कार्ब डाइट के दौरान बैड कोलेस्ट्रॉल की बढ़ोतरी अधिक देखी गई। 


शोधकर्ताओं के अनुसार, इसकी एक वजह यह हो सकती है कि कार्बोहाइड्रेट कम करते समय कुछ लोग उसकी जगह रेड मीट और चीज जैसे अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थ खाने लगते हैं।

latest health study says low-carb diets may increase cholesterol level and risk of heart disease and stroke
डाइट का चयन करते समय बरतें सावधानी - फोटो : Adobe Stock

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

शोधकर्ताओं का कहना है कि आगे चलकर इस तरीके की मदद से डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट यह पहचान सकेंगे कि किन लोगों के लिए किस तरह की डाइट की सलाह दी जा सकती है।
 

  • ब्रिटेन की मौजूदा गाइडलाइन के मुताबिक, किसी व्यक्ति की रोजाना कुल कैलोरी में सैचुरेटेड फैट की मात्रा करीब 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • पुरुषों के लिए रोजाना अधिकतम करीब 30 ग्राम सैचुरेटेड फैट, जबकि महिलाओं को इसकी मात्रा  20 ग्राम तक सीमित रखने की सलाह दी जाती है।


स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट हेल्थ को ठीक रखने के लिए आहार में सैचुरेटेड फैट कम करने और उसकी जगह अनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-3 की मात्रा बढ़ाना ज्यादा अच्छा हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने सभी लोगों को अलर्ट किया है कि किसी दूसरे व्यक्ति में फायदों को देखकर खुद से कोई डाइट शुरू नहीं करनी चाहिए। विशेषज्ञ से अपनी सेहत के जांच कराएं और उसी के आधार पर किसी डाइट का चयन करना अच्छा विकल्प है।


--------------
स्रोत:
Your genes may decide whether a low-carb diet sends cholesterol soaring


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed