बड़े-बुजुर्ग कहते रहे हैं कि अगर आपका आहार ठीक है तो सेहत को लेकर चिंता की कोई जरूरत नहीं। रोजना खाने में हरी सब्जियां, साबुत अनाज, विटामिन्स-प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें शामिल करके शरीर को स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है।
पाचन स्वास्थ्य: दही, छाछ या प्रोबायोटिक? पेट के लिए कौन है सबसे बेहतर, समझें आसान भाषा में
दही, छाछ और प्रोबायोटिक फूड को अक्सर एक जैसा समझ लिया जाता है, जबकि इनमें अंतर है। हर फर्मेंटेड फूड प्रोबायोटिक नहीं होता और हर प्रोबायोटिक हर व्यक्ति पर समान असर नहीं करता। जानिए सामान्य पेट की सेहत के लिए क्या चुनें और किसी खास समस्या में किन बातों पर ध्यान दें।
पहले इनमें अंतर जान लीजिए
दही और योगर्ट दोनों दूध से बने फर्मेंटेड फूड हैं, लेकिन इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया अलग हो सकते हैं। दूध-दही की तरह प्रोबायोटिक किसी खास फूड का नाम नहीं है बल्कि ये ऐसे जीवित गुड बैक्टीरिया हैं जो पर्याप्त मात्रा में लेने पर आंतों के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं।
- दही वर्षों से हमारे भोजन का हिस्सा रहा है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं और फर्मेंटेशन के कारण इसमें जीवित सूक्ष्मजीव भी होते हैं। यानी रोज के भोजन में दही शामिल करना आपको कई लाभ दे सकता है।
छाछ पेट के लिए फायदेमंद
दही में पानी मिलाकर बनाई गई छाछ हल्का पेय है और भोजन के साथ आसानी से ली जा सकती है। लेकिन बाजार में मिलने वाली हर छाछ प्रोबायोटिक हो ये जरूरी नहीं है।घर की बनी छाछ में सबसे बेहतर है। इनमें प्रिजर्वेटिव, नमक-चीनी या कोई फ्लेवर नहीं होता, ऐसे में शरीर को इससे बेहतर लाभ मिल सकता है। छाछ पाचन को ठीक रखने में बहुत फायदेमंद है। ये शरीर को ठंडक भी देती है।
प्रोबायोटिक के बारे में जानिए
प्रोबायोटिक कोई एक खास फूड नहीं है। ये ऐसे जीवित सूक्ष्मजीव हैं जो पर्याप्त मात्रा में लेने पर स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं।
- ये पेट में बैड बैक्टीरिया को कम करके गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे गैस, कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इसके अलावा अध्ययनों में पाया गया है कि ये इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। आंतों की सेहत को ठीक रखने और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
पेट के लिए कौन सा बेहतर?
अगर आप पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सादा दही सबसे आसान और अच्छा विकल्प है। इससे पोषण भी मिलता है और यह फर्मेंटेड डेयरी फूड भी है। इसके अलावा छाछ भी अच्छा विकल्प है और इसे अपनी पसंद के अनुसार भोजन में शामिल किया जा सकता है।
लेकिन अगर आपको कोई खास पाचन की समस्या है और आप प्रोबायोटिक लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। प्रोबायोटिक हर किसी के लिए जरूरी नहीं है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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