पिछले कुछ वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद से ऐसे रोगियों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारे समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए मानसिक स्वास्थ्य को मूलभूत आधार माना जा सकता है। इसमें होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर शारीरिक रूप से भी आपके लिए कई तरह की दिक्कतों का कारण बन सकता है।
Amarujala with UNICEF: विशेषज्ञों की सलाह- माता-पिता स्वयं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का रखें ध्यान, ये टिप्स होंगे मददगार
माता-पिता की बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका
यूनिसेफ की स्टेट ऑफ वर्ल्ड कंपेनियन रिपोर्ट में युवाओं ने बताया कि परिवार का समर्थन विकासशील अवस्था में बहुत आवश्यक होता है, जिन बच्चों को पारिवारिक समर्थन नहीं मिल पाता है, उनमें दुर्व्यवहार और उपेक्षा के साथ शारीरिक और मानसिक, कई तरह की दिक्कतें देखने को मिल सकती हैं।
इस रिपोर्ट के आधार पर यूनिसेफ के विशेषज्ञों का कहना है कि सभी माता-पिता को बच्चों से बातचीत करते रहना चाहिए, जिससे उनकी समस्याओं को समझ पाना आसान हो सके। आइए जानते हैं कि इसके लिए किन बातों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है?
क्या करें माता-पिता?
विशेषज्ञ कहते हैं, किशोरों के समुचित विकास को बढ़ावा देने के लिए माता-पिता को बच्चों से लगातार बात करते रहने और उन्हें समझने की आवश्यकता होती है। बच्चों को शरीर में हो रहे बदलावों के बारे में समझाएं, कि मानव शरीर कैसे कार्य करता है? यौवन एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसका अनुभव हर कोई करता है, इस दौरान शरीर भी परिवर्तन से गुजरेगा। बच्चों केअच्छे गुणों की प्रशंसा करें, उनके लिए अच्छा उदाहरण स्थापित करें।
सबसे खास बात, इसमें कोई शक नहीं कि सोशल मीडिया पर बच्चे जो देखते हैं उससे प्रभावित हो रहे हैं। ट्रेंडी बनने की कोशिश के बीच बच्चों के साथ और संगत, वह किस तरह की चीजें कर या देख रहे हैं, इसपर भी विशेष ध्यान देते रहें।
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता
जन्म के साथ ही बच्चों के शारीरिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास में माता-पिता और घर के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मौजूदा समय में जिस तरह से मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में माता-पिता को सिर्फ शारीरिक ही नहीं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
अपने बच्चे के साथ प्रभावी ढंग से संवाद स्थापित करने के लिए तीन बातों का खास ध्यान रखें। उन्हें सुनें, प्रोत्साहित करें और सुनिश्चित करें कि वह आपसे खुलकर बात कर सकें। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए यह अति आवश्यक है।
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नोट: यह लेख यूनिसेफ द्वारा साझा की गई रिपोर्ट और सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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