फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus: कोरोना महामारी के लिए क्या चमगादड़ों को दोष देना सही है? जानें इसके बारे में खास बातें

Sun, 25 Oct 2020 08:07 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 25 Oct 2020 08:07 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus It is not right to blame bats for the covid 19 epidemic outbreak
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

डॉक्टर मैथ्यू बोरगैरेल ने गांव के बुजुर्गों से पवित्र गुफा में जाने की तो पहले इजाजत ली और फिर आत्माओं का तुष्ट करने के लिए उपहार भी ले गए। उन्होंने मास्क और तीन लेयर वाले दस्ताने पहने और गुफा के अंधेरे में नीचे रस्सी वाली सीढ़ी के सहारे उतरते चले गए। वहां हर कहीं चमगादड़ की तीखी गंध पसरी हुई थी। चमगादड़ के मल-मूत्र वहां फर्श पर परत की तरह पड़े हुए थे। कभी-कभी कोई चमगादड़ उड़ता हुआ बगल से गुजर रहा है। 



जिम्बाब्वे के इस हिस्से में लोग चमगादड़ को पंखों वाला ड्रैगन, उड़ने वाला चूहा या फिर बुराई के प्रतीक के तौर पर देखते हैं। दुनिया के किसी भी दूसरे हिस्से की तरह यहां पर भी इस उड़ने वाले स्तनपायी जीव को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं, लेकिन इकोलॉजिस्ट डॉक्टर मैथ्यू के लिए वे एक खूबसूरत और अद्भुत जीव है। डॉक्टर मैथ्यू का कहना है, 'वे आकर्षक हैं। लोग उस चीज से डरते हैं जिसके बारे में जानते नहीं हैं।'  

Coronavirus It is not right to blame bats for the covid 19 epidemic outbreak
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चमगादड़ों को बचाने के लिए अभियान

वो फ्रेंच रिसर्च इंस्टीट्यूट सीराड में वायरस के ऊपर शोध करते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ जिम्बाब्वे में अपनी सहकर्मियों के साथ काम करते हुए वह चमगादड़ों के गुफा में जाते हैं और वहां से सैंपल इकट्ठा करते हैं। लैब में वैज्ञानिक उस सैम्पल को लाकर चमगादड़ से जुड़े वायरसों का अध्ययन करते हैं। वैज्ञानिकों ने अब तक एक ही परिवार के कई अलग-अलग कोरोना वायरस की खोज की है। मसलन सार्स और कोविड-19 जैसे वायरस। 

यह शोध दुनियाभर में चलने वाली उस खोज का हिस्सा है जो चमगादड़ से फैलने वाले वायरस के आनुवांशिक बनावट और उनकी विविधता को पता लगाने के लिए हो रही है, ताकि एहतियात के तौर पर समय रहते उस पर तत्काल कोई कदम उठाया जा सके। 

Coronavirus It is not right to blame bats for the covid 19 epidemic outbreak
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

यूनिवर्सिटी ऑफ जिम्बाब्वे की डॉक्टर एलिजाबेथ गोरी कहती हैं, 'स्थानीय आबादी अक्सर इन चमगादड़ों के रहने वाली जगह पर जाती रहती हैं। वो वहां से गुआनो (एक तरह की खाद) इकट्ठा कर ले आती है और उसका अपने खेतों में उपज बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करती है। इसलिए भी जरूरी हो जाता है यह जानना कि आखिर किस तरह के विषाणु चमगादड़ से इंसानों में आ सकते हैं।' 

चमगादड़ पर काम करने वाले विशेषज्ञों ने 'चमगादड़ों को दोष ना दें' नाम से एक अभियान की शुरुआत की है ताकि चमगादड़ों को लेकर बेवजह के डर और मिथकों को दूर किया जा सके। यह अभियान इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि चमगादड़ एक ऐसा जीव है जिसे संरक्षण की जरूरत है। वो कहते हैं कि धरती पर सबसे गलत और कम कर आंका जाने वाला जीव चमगादड़ है। चमगादड़ लंबे समय से सांस्कृतिक और सामाजिक तौर पर पूर्वाग्रह के शिकार रहे हैं। उन्हें इंसानों के ऊपर आने वाले संकट के लिए जिम्मेवार समझा जाता है। कोरोना के दौर में चमगादड़ों से जुड़े डर और मिथक और बढ़ गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus It is not right to blame bats for the covid 19 epidemic outbreak
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चमगादड़ को लेकर कुछ तथ्य

  • चमगादड़ अकेला ऐसा स्तनपायी जीव है जो उड़ सकता है।
  • कीड़े खाने वाले चमगादड़ हर साल कीड़ों से फसल को बचाकर अमेरिकी किसानों के 3.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का फायदा करते हैं। 
  • पेड़-पौधों की 500 से ज्यादा प्रजातियां परागण के लिए चमगादड़ पर निर्भर हैं। 
  • जलवायु परिवर्तन, शिकार और दूसरे दबावों को लेकर चमगादड़ अप्रत्याशित खतरे का सामना कर रहे हैं। 
विज्ञापन
Coronavirus It is not right to blame bats for the covid 19 epidemic outbreak
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

असल समस्या

दुनियाभर में वायरस की वजह से जो कहर बरपा है, उससे इनकार नहीं किया जा सकता है। बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक इस बात को लेकर एकमत भी हैं कि ये वायरस बहुत संभव है कि चमगादड़ों से इंसान में आते हैं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि इसके लिए चमगादड़ों को दोष दिया जाए। असल समस्या जंगली जीवों की दुनिया में इंसानों की बढ़ती दखल है। बीमारियों के ज्यादातर मामलों का संबंध इंसानों के द्वारा प्रकृति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा हुआ है। जब जंगल या फिर घास के मैदान इंसान सड़क या दूसरे निर्माण या फिर खेती के लिए साफ कर देंगे तो फिर वहां रहने वाले जीव इंसानी जिंदगी के करीब आने के लिए मजबूर हो जाएंगे। वो अनाज के भंडार तक पहुंचेंगे और फिर वहां से वायरस इंसानी शरीर तक। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed