दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में जीवन जैसे ठहर सा गया है। हालांकि स्वास्थ्य और जान की सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। लोगों के घर ही ऑफिस में तब्दील हो गए हैं। वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करते हुए बहुत सारे लोगों ने घर के एक हिस्से में वर्चुअल ऑफिस जैसा माहौल तैयार कर लिया है। पहले जहां केवल सूचना तकनीक यानी आईटी सेक्टर में लोगों को वर्क फ्रॉम करने की सुविधा थी, अब मार्केटिंग सेक्टर भी इसमें सीमित हो चुका है। बाहर न निकल पाने की बंदिशों के बीच अपने छोटे से फ्लैट या छोटे-बड़े घरों में कैद लोगों को बहुत सारी चीजें समझ आ रही है। वहीं, दुनियाभर के आर्किटेक्ट विशेषज्ञ इसे दूसरे नजरिए से देख रहे हैं। उनके मुताबिक कोरोना महामारी खत्म होने के बाद घर और ऑफिस में काफी हद तक बदलाव नजर आएंगे।
2 of 7
ऑफिस क्यूबिकल(File Photo)
- फोटो : media.defense.gov
यूक्रेन के आर्किटेक्ट सर्गेई मखनो, लिक्विड स्पेस के सीईओ मार्क गिलब्रीद और रियल एस्टेट विशेषज्ञ जूली व्हेलन जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद चीजें बदलेंगी और घर, ऑफिस या अन्य कार्यस्थलों में बहुत सारे बदलाव होंगे। सर्गेई मखनो के अनुसार जीवनशैली अलग होगी, हमारी आदतें बदल जाएंगी और इनके साथ ही घर से लेकर ऑफिस तक के डिजाइन भी बदल जाएंगे। लोग अपार्टमेंट की जगह घर को प्राथमिकता देने लगेंगे। विशेषज्ञ इस बात की भी संभावना जता रहे हैं कि तेजी से हो रहे शहरीकरण की रफ्तार कम हो सकती है और गांवों और कस्बों की ओर रुख करेंगे।
3 of 7
लिफ्ट(प्रतीकात्मक तस्वीर)
दरअसल, ऊंची इमारतों में छोटे से क्षत्रफल में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। अब लोगों को समझ में आ रहा है कि यह सेहत के लिहाज से ठीक नहीं है। सीढ़ियों की जगह हमें लिफ्ट की आदत लग जाती है। फ्लैट में बालकनी न हो तो खुली हवा महसूस कर पाना भी मुश्किल हो जाता है। पास-पास रहने वाले पड़ोसियों से संक्रमित होने का डर रहता है। ऐसे में लोग आंगन और छत की चाहत में फ्लैट की जगह घर को प्राथमिकता देने लगेंगे। भले ही वह छोटा ही क्यों न हो।
4 of 7
अंडरग्राउंड पार्किंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social Media
इमारतों के निर्माण में अब अंडरग्राउंड फ्लोर पर ज्यादा जोर दिया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर खानपान और अन्य जरूरी सामानों को स्टोर किया जा सके। अबतक जहां ओपेन प्लेन स्पेस, लिविंग रूम, डाइनिंग स्पेस और किचन एक साथ बनाने का ट्रेंड चल रहा था, वह कम होगा। कोरोना की वजह से लोगों को जूते एंट्रेंस में ही उतारने की आदत लग गई है और बाहर से लाए गए सामानों की थैली वगैरह भी साइड रखी जाने लगी है। यह लोगों की आदत बन जाएगी तो घर का एंट्रेंस और रहने का एरिया अलग होगा।
5 of 7
बागवानी का काम करता परिवार (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
प्रकृति के नजदीक होना चाहेंगे लोग
लॉकडाउन के बीच लोग बागवानी को समय दे रहे हैं। जिंदगी की भागदौड़ में पेड़-पौधों और चिड़ियों की चहचहाहट से दूर हुए लोग आने वाले समय में प्रकृति और पर्यावरण के नजदीक होना चाहेंगे। नए घर बनेंगे तो उसमें बाउंड्री के अंदर का हिस्सा छोटा सा बगीचा हो सकता है। या फिर छतों पर बागवानी को पहले की अपेक्षा ज्यादा तरजीह दी जा सकती है। इसके साथ ही घरों में पानी और हवा के फिल्ट्रेशन का चलन भी बढ़ेगा।