पर्यटन मानचित्र पर विश्वविख्यात जम्मू-कश्मीर में पर्यटन विकास की नई संभावनाएं उभर रही हैं। खासकर जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों के लिए केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद निवेशकों की नजरे इनायत हो सकती है। अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाए जाने के बाद से कई औद्योगिक घरानों ने जेएंडके में निवेश की इच्छा जताई है। ऐसे में आने वाले समय में सरकार के अलावा निजी स्तर पर भी पर्यटन विकास की गतिविधियाें में तेजी लाई जा सकती है।
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कुछ ऐसा है गुलमर्ग का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
आतंकवाद के दौरान भी देश विदेश के पर्यटकों के लिए जम्मू-कश्मीर सुरक्षित स्थल रहा है। वर्ष 2017 में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के अलावा पर्यटकों को किसी तरह से निशाना नहीं बनाया गया है। वैष्णो देवी, सोनामर्ग, गुलमर्ग और लद्दाख में लंबे समय से पर्यटक पर्याप्त सुरक्षित माहौल में रहे हैं। देश में जम्मू-कश्मीर इकलौता राज्य है यहां पर्यटकों के खिलाफ शून्य फीसदी अपराध हुए हैं।
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जम्मू संभाग के पर्यटक स्थलों में भद्रवाह में पर्यटन विभाग की ओर से राफटिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह सुचेतगढ़ में बार्डर टूरिज्म को विकसित करने के लिए ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। जम्मू शहर में अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर भगवती नगर के पिछली तरफ एम्यूजमेंट पार्क का निर्माण किया गया है।
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बाग-ए-बाहू में पर्यटकों की आमद बढ़ाने के लिए करीब दस करोड़ रुपये की लागत से वाटर फाउंटेन को स्थापित किया जा रहा है। सिद्धड़ा गोल्फ कोर्स जम्मू में हट्स के साथ कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। पंचैरी में पीएमडीपी के तहत हट्स बनाए जा रहे हैं। सुद्धमहादेव मानतलाई में वेलनेस व स्पिरिचुअल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजोरी-पुंछ के मुगल रोड के साथ चिंगस फोर्ट को विकसित किया जा रहा है। मुबारकमंडी में जीर्णोद्धार का काम जारी है। रियासी सियाड़ बाबा में पीएमडीपी के तहत कार्य करवाए जा रहे हैं। संभाग में भद्रवाह तेजी से पर्यटकों के लिए विकसित पर्यटक स्थल के रूप में उभरा है।