बैंड में बजती पाइप(मशकबीन) की मधुर धुन और छज्जा लोक नृत्य की प्रस्तुति के बीच फिल्म जगत और रंगमंच की दुनिया के सितारों का अभिनव थियेटर में आगमन। इससे पहले रेड कारपेट पर गर्मजोशी से स्वागत। यह दृश्य था इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन का। इन सबके बीच जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी का परिसर कुछ खास नजर आया। हालांकि अतिथियों के स्वागत के दौरान अव्यवस्था के आलम से वरिष्ठ कलाकार निराश दिखे। कुछ ने मौके पर ही इस पर विरोध भी जता दिया।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जम्मू-कश्मीर, रेड कारपेट पर कलाकारों के साथ जो हुआ उसे जानकर होश उड़ जाएंगे
दरअसल रेड कारपेट पर कलाकारों के परिचय और उनके स्वागत के दौरान उनकी वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजा सबसे आखिर में वरिष्ठ कलाकारों को अभिनव थियेटर में प्रवेश कराया गया। इससे पहले तक सिर्फ नवोदित कलाकारों की तरफ ही उद्घोषक का ध्यान रहा। इससे वरिष्ठ कलाकार निराश भी दिखे।
एक कलाकार ने इस पर विरोध भी जताया। उनका कहना था कि नवोदित और वरिष्ठ कलाकार दोनों को एक-एक कर बुलाया जाना चाहिए था। इस पर उद्घोषक ने कई बार माफी भी मांगी। साथ ही इस पर अपनी तरफ से सफाई भी दी।
इतना ही नहीं, आमंत्रित अतिथि मौके पर हैं या नहीं, इसका भी उद्घोषक को पता नहीं था। जिस समय वरिष्ठ कलाकार मुश्ताक काक और गायिका सोनाली डोगरा के नाम की घोषणा हुई, उस समय वह वहां थे ही नहीं। इन सब वजहों से आयोजन में अफरातफरी साफ झलक रही थी।
पहली बार इतना बड़ा आयोजन था। इसलिए थोड़ी-बहुत गलतियां हो जाती हैं। इस तरह की चीजों को नजरअंदाज करना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि आगे के आयोजनों में इस तरह की बातें नहीं आएंगी। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मोहन सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी, साहित्यकार