जम्मू-कश्मीर में कमजोर मानसून से भविष्य में पेयजल की समस्या खड़ी हो सकती है। बीते डेढ़ माह में प्रदेश में सामान्य से 63 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार आगामी दिनों में भी मानसून के अधिक गति पकड़ने के आसार नहीं हैं। हालांकि 16 से 21 जुलाई के बीच मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। बुधवार को प्रदेश में हल्के बादलों के साथ तपिश बरकरार रही। कश्मीर के कई जिलों में दिन का तापमान 33 डिग्री तक पहुंच गया है।
कमजोर मानसून जम्मू-कश्मीर के सामने खड़ी कर सकता है मुसीबत, मौसम विभाग ने जारी की ये चेतावनी
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जम्मू-कश्मीर में 23 जून को मानसून ने दस्तक दी थी, लेकिन कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के बाद लगभग मौसम साफ चल रहा है, जबकि देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। जम्मू-कश्मीर में मानसून को गति नहीं मिल पाई है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार एक जून से 15 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य 153.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 56.2 मिलीमीटर ही बारिश हुई है, जो सामान्य से 63 फीसदी कम है। जम्मू में बुधवार की शुरुआत हल्के बादलों के साथ हुई।
शाम को हवाएं चलने से थोड़ी राहत मिली। जम्मू में अधिकतम तापमान 35.6 और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में आर्द्रता का प्रतिशत 65 रहने से उमस भी परेशान कर रही है। इसका असर बाजार पर भी दिख रहा है।
संभाग के बनिहाल में दिन का तापमान 32.4, बटोत में 28.3 और भद्रवाह में 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में अधिकतम पारा 32.7 डिग्री रहा। काजीकुंड में 32.0, कुपवाड़ा में 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा।
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