कोरोना ने बढ़ाई चिंता: जम्मू-कश्मीर में मिले 309 नए संक्रमित, चार की मौत भी
- प्रदेश में कोरोना से फिर बिगड़ने लगे हैं हालात
- अब तक 1,29,993 लोग हो चुके हैं संक्रमित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में कोरोना फिर से पांव पसार रहा है। रविवार को केंद्र शासित प्रदेश में 309 नए मामले सामने आए हैं। साथ ही चार लोगों की मौत भी हुई है। इसके साथ प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 2122 पहुंच गई है। अब तक 1,29,993 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 1989 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले शनिवार को 271 मामले सामने आए थे। कश्मीर में एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी।
यह भी पढ़ें- शोपियां में शहीद हुआ यूपी का लाल: सेना ने हवलदार पिंकू कुमार को दी श्रद्धांजलि
कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी
विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल में टेस्टिंग बढ़ने से कोरोना संक्रमितों में तेजी से इजाफा हो सकता है। ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों को कंटेनमेंट जोन में तब्दील करने में विचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग से क्षेत्रवार मामलों का ब्योरा मांगा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह के अनुसार रैपिड के साथ आरटीपीसीआर टेस्टिंग बढ़ाई गई है। कई स्थानों पर रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। स्कूलों में भी स्टाफ की टेस्टिंग करवाई जा रही है।
यह भी पढ़ें- 'ओके कट' से गूंजने लगा मिनी कश्मीर, भद्रवाह में हिंदी फिल्म आलिंगन की शूटिंग शुरू
कोरोना महामारी के प्रसार को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने आम जनता को पर्व के आयोजन के लिए दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा है। एडवाइजरी के तहत सभी लोग स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। इसमें मास्क और सैनिटाइजर के उपयोग के साथ होली के उत्सव के दौरान पानी का न्यूनतम उपयोग करने की सलाह दी है।
एडवाइजरी के तहत सड़क पर पैदल चलने वालों, वाहनों और निजी संपत्तियों पर कोई रंग या पानी नहीं फेंकेगा। इसके अलावा 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों, 10 साल से कम उम्र के बच्चों और बीमार लोगों को त्योहार पर घर में रहने के लिए कहा है। वहीं, लाउडस्पीकर/साउंड सिस्टम लगाकर लोगों को भीड़ एकत्र न करने के लिए कहा है।
इस संबंध में एसएसपी रमेशचंद्र कोतवाल का कहना है कि इस बार पुलिस कार्रवाई के बजाए लोगों को जागरूक करने को प्राथमिकता दे रही है। इस संबंध में जिला के पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए है कि वह अपने अपने क्षेत्र में लोगों को भीड़ से बचने के साथ उन्हें सामाजिक दूरी के पालन करने के लिए प्रेरित करें।