कश्मीर की धरती पर सिर्फ आतंकी ही नहीं बनते। आतंकवाद से हजार गुना ज्यादा युवा देश के लिए मर मिटने का जज्बा भी रखते हैं। एक तरफ वो हैं जो 500 रुपये लेकर पत्थर मारते हैं, पाकिस्तान की शह पर सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हैं। तो दूसरी तरफ ऐसे हजारों युवा हैं, जो आतंकवादियों का सामना करने के लिए तैयार बैठे हैं। राज्य पुलिस में एसपीओ की भर्ती में कश्मीर के हजारों युवाओं ने आवेदन कर साबित कर दिया है कि देश के लिए मर मिटने वालों की कश्मीर में कमी नहीं।
कश्मीर के कई रूपः आतंकियों, बरगलाए गए युवाओं और देश के लिए मर मिटने वालों की कहानी
जानकारी के अनुसार कश्मीर संभाग में 2500 पदों के लिए 25 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। पुलिस में 5200 पदों पर 77 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। इनमें से जम्मू संभाग में 51047 और कश्मीर के 26, 594 युवाओं ने आवेदन किया। इन आवेदन करने वाले युवाओं की शारीरिक परीक्षा हो चुकी है। बाकी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सीमा से सटे इलाकों के युवाओं में जबरदस्त उत्साह
उत्तर कश्मीर के तीन जिलों कुपवाड़ा, बारामुला और बांदीपोरा में 873 पदों पर 15264 युवाओं ने आवेदन किया है। मध्य कश्मीर के श्रीनगर, बड़गाम, गांदरबल में 813 पदों पर 6013 ने और दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, अनंतनाग में 1243 पदों के लिए 5317 युवाओं ने आवेदन किया। यहां के युवाओं में भर्ती को लेकर जबरदस्त उत्साह है।
पुलिस के एक सीनियर अफसर ने बताया कि अधिकतर जिलों में भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बहुत जल्द जिला पुलिस अधिकारियों की ओर से चुने जाने वाले उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होगी।
कहने को तो एसपीओ की फुल फार्म स्पेशल पुलिस ऑफिसर है, लेकिन इनको वेतन छह हजार रुपये प्रति माह मिलता है। जम्मू-कश्मीर में मौजूदा समय में 30 हजार के आसपास एसपीओ हैं। इनकी हर जगह पर सेवाएं ली जाती हैं। चाहे आतंकियों से लड़ना हो या फिर बर्फ में फंसे लोगों की मदद करनी हो, चाहे नाकों पर ड्यूटी देनी हो या फिर अन्य जगह, हर जगह इनकी मदद ली जाती है।