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जानें, अमावस की उस रात पीओके में 2 घंटे तक कैसे हुई आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 11 Oct 2016 06:55 PM IST
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Indian Army
- फोटो : File Photo
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पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल आपरेशन के लिए कमाडो को मात्र दो घंटे का समय दिया गया था। इस आपरेशन में 125 कमांडो डोगरा और बिहार रेजिमेंट के थे।
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28 सितंबर रात दो बजकर दस मिनट पर पुंछ से एलओसी पार कर कमांडो पाक अधिकृत कश्मीर के भिंबर, कैल क्षेत्र स्थित कैंप में पहुंचे। हमले से पहले कैंप की पूरी जानकारी हासिल कर ली गई थी।
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प्रशिक्षु आतंकी किस समय सोेते हैं और कब खाना खाते हैं, इसकी जानकारी भी ली गई थी। स्ट्राइक में आतंकी कैंप में दो दर्जन से अधिक आतंकी मारे गए। सीमा पार तारबंदी तोड़कर घुसे इन पैरा कमांडो में 125 जवान मौजूद थे।
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केवल 35 कमांडो ही कैंप के अंदर गए और बाकी कैंप के बाहर थे जो आपरेशन को कवर कर रहे थे, ताकि बाहरी हमले से बचा जा सके। पाक सेना को ध्यान बंटाने के लिए पुंछ व उड़ी सेक्टर पर एलओसी पर फायरिंग भी की गई।
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फायरिंग से ध्यान बंटाने के दौैरान ही सीमा पार कर कर ली गई। आतंकी कैंप एलओसी से 12-15 किलोमीटर दूर थे। इस बीच, आसमान पर हेलीकाप्टर भी आपरेशन की पूरी निगरानी कर रहे थे, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में कमांडो को सुरक्षित वापस लाया जा सके।