डल झील में तिरंगे के साथ शिकारा रैली, शहीदों को किया नमन
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आजादी के अमृत महोत्सव की कश्मीर घाटी में भी धूम रही। प्रसिद्ध डल झील में तिरंगे के साथ शिकारा रैली निकाली गई। नेहरू पार्क में रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ ही शहीद मकबूल शेरवानी की याद में कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को नमन किया गया। 1947 में घुसपैठियों से लोहा लेने वाले शहीद मोहम्मद मकबूल शेरवानी व मोहम्मद दीन जगल को सम्मान पत्र दिया गया जो उनके करीबियों ने हासिल किया।
शिकारा रैली नेहरू पार्क में पहुंचकर समाप्त हुई, जिसमें 100 से अधिक शिकारे शामिल थे। डल झील में चारों ओर तिरंगे लहरा रहे थे। रैली के दौरान डल झील किनारे पर्यटकों की भीड़ लगी रही, जो इस खूबसूरत नजारे को न केवल कैमरे में कैद कर रहे थे बल्कि सेल्फी भी ले रहे थे। इससे पहले उप राज्यपाल के सलाहकार बसीर अहमद खान ने डल झील किनारे एसकेआईसीसी के लॉन से रैली को रवाना किया। रैली में शामिल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
वहीं, बारामुला के इनडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बसीर खान ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद युवा पीढ़ी को शहीदों के योगदान से अवगत कराना है, ताकि राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दिशा मिल सके। कार्यक्रम में मंडलायुक्त पीके पोल, डीसी भूपिंदर कुमार, डीआईजी सुलेमान चौधरी, एसएसपी अब्दुल कयूम उपस्थित थे।