फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मोहन भागवत बोले: हिंदू समाज को एकजुट करना संघ का मुख्य उद्देश्य, जानिए क्यों कहा- काम अभी पूरा नहीं हुआ?

Sun, 03 Oct 2021 10:18 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 03 Oct 2021 10:18 PM IST
विज्ञापन
RRS chief Mohan Bhagwat said main objective of Sangh is to unite Hindu
मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि जाति-पाति को छोड़ हिंदू समाज को एकजुट करना संघ का मुख्य उ्ददेश्य है। 2025 को संघ की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में संघ के स्वयं सेवक चार सालों में हिंदू समाज को एकजुट करने के लक्ष्य में जुट जाएं। घर घर पहुंचकर लोगों को संघ के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज एकजुट होगा तो भारत मजबूत होगा और कोई भी विदेशी ताकत हमारे देश का नुकसान नहीं कर पाएगी। 



भागवत ने संघ के प्रांत मुख्यालय केशव भवन से वर्चुअल माध्यम से रविवार को जम्मू कश्मीर प्रांत के 989 स्थानों पर आनलाइन जुड़े स्वयं सेवको को संबोधित किया। करीब 40 मिनट के संबोधन में भागवत ने कहा कि 2025 में संघ की स्थापना के 100 साल पूरे होंगे। हमारा संगठन 96 वर्ष पुराना है। आयु में पुराना होने पर भी संघ स्वास्थ्य में, प्रवृति में और शक्ति के रूप में पुराना नहीं हैं। संघ को हमने ऐसे ही बनाए रखना है। 

उन्होंने कहा जो काम हम नौ दशक से कर रहे हैं, हो सकता है कि हमारा ध्यान हट जाए, क्योंकि जब शरीर को काम करने की आदत लग जाती है तो सोचने की आवश्यकता नहीं रहती। जब सोचना बंद होता है तो व्यक्ति आदत से काम करता रहता है तो गलती होना संभव है। इसलिए हम सभी को सावधान रहना चाहिए।
 

RRS chief Mohan Bhagwat said main objective of Sangh is to unite Hindu
मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला

सर संघ चालक ने संगठन में शक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि शक्ति थोड़ी भी हो, उसकी पहचान होती है। ऐसा अनुभव संघ के प्रारंभिक दौर में डॉ. हेडगेवार के समय में नागपुर में हुआ था। अच्छी शक्ति को लोग पहचानते हैं और इससे डरते भी हैं। उन्होंने कहा कि प्रांरभ में संघ का अच्छा कार्य बढ़ने से भी स्वार्थी लोगों को डर लगता था, उस डर के मारे बड़ा विरोध हुआ। वर्ष 2000 तक विरोध चलता रहा। आज भी चल रहा है परंतु 2000 तक विरोध का लोगों पर प्रभाव दिखता था लेकिन आज नहीं। हमें गफलत में नहीं आकर सतर्क रहना है। यशस्वी होते होते अगर सावधानी हट गई तो पूरा यश अपयश में बदल जाता है। 

उन्होंने कहा कि स्वयं सेवकों को ध्यान में रखना होगा कि हम संपूर्ण हिंदू समाज का संगठन लेकर चल रहे हैं। भारत को विश्व गुरू बना सकते वाला हिंदू समाज। भारत विश्व के हर क्षेत्र में सबसे आगे हो और हम संपूर्ण विश्व का कल्याण करने वाला जीवन जीने वालों में भी सबसे आगे रहे, ऐसा भारत वर्ष हमें खड़ा करना है। अभी काम शुरू हुआ है। खत्म नहीं हुआ। इसलिए धैर्यपूवर्क सावधानी में काम करने की आवश्यकता अधिक है। 

RRS chief Mohan Bhagwat said main objective of Sangh is to unite Hindu
मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि इस सबके लिए हमें शाखा में नित्य नियमित जाकर वहां के संस्कारों को सीखते रहना चाहिए और जो संस्कार सीखें उसकी आदत डालनी चाहिए।   संस्कार रहता है तो आदत रहती है इसलिए शाखा में उत्कर्ष्ट कार्य करना आवश्यक है। शाखा में नित्य जाने के अलावा और तीन काम भी स्वयं सेवकों के लिए हैं। प्रतिदिन शाखा में जाना, शाखा में जो कार्यक्रम हैं उसे मन लगाकर करना और संघ के दायित्व को प्रमाणिकता के साथ निभाना। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
RRS chief Mohan Bhagwat said main objective of Sangh is to unite Hindu
मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
सामर्थ्य का इस्तेमाल दुबर्लों की रक्षा के लिए करो

उन्होंने कहा कि स्वयं सेवक शाखा में समर्थ होने के लिए आते हैं। सामर्थ्य का उपयोग अच्छे लोग दुर्बलों की रक्षा करने के लिए करते हैं। अगर हिंदू समाज में दुर्बलता है तो उसकी रक्षा का कर्तव्य हमारा है। अच्छे सामर्थ्यवान लोग बल का प्रयोग दूसरे को समर्थ करने के लिए करते हैं, बुरे लोग दूसरों को परेशान करने के लिए। इसलिए लिए स्वयंसेवको को तैयार होना है और यह संघ की शाखा के माध्यम से ही होता है। 


 
विज्ञापन
RRS chief Mohan Bhagwat said main objective of Sangh is to unite Hindu
मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
भारत को विश्व गुरू बनाएंगे

कहा कि संपूर्ण हिंदू समाज को हम संगठित करेंगे। भारत को विश्वगुरू बनाएंगे और जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा तब तक हमारे जीवन में पहला काम यही है। इसके लिए समय और संपर्ण दोगुना करना होगा। उन्होंने कहा संघ का काम अभी बहुत बड़ा है। संघ के कार्य के लिए अभी बहुत अनुकूलता है। कार्य निश्चित रूप से बढ़ेगा लेकिन अभी पूरा नहीं हुआ है। उसको पूरा करना है। अभी आराम करने का समय नहीं है। सावधान रहना है, सोच समझकर दक्षतापूर्वक, दृष्टि ठीक रखकर अपने ध्येय पथ पर आगे बढ़ना है और कार्य को शीघ्र पूरा करना है। इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र के संघ चालक प्रो. सीता राम व्यास और प्रांत के सह संघ चालक डॉ. गौतम मैंगी भी उपस्थित थे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed