कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के एक महीने बाद भी कश्मीरियों को 370 के बारे में जमकर गुमराह किया जा रहा है। प्रदेश के लोगों से बात की गई तो पता चलता है कि 370 के नाम पर भी खूब सियासत हुई, कश्मीर के लोगों को तो जिसने जैसा चाहा, वैसा ही पाठ पढ़ाया। श्रीनगर में डल झील पर सैर करने आए मोहसिन का कहना है कि जिसने जैसा चाहा वैसा पाठ कश्मीरियों को पढ़ाया। कश्मीरियों को न 370 से मतलब है और न ही इस पर हो रही सियासत से। कुछ लोगों को दिक्कत है और वही इस पर सियासत कर रहे हैं। अपने बच्चे के साथ आए कासिम ने बेबाक कहा इसे हटाने के बाद कुछ खास परिवारों की रोजी रोटी बंद हो गई है तो वही इस पर दुष्प्रचार करके अपना राग अलाप रहे हैं। कश्मीरी अमन चाहते हैं।
श्रीनगरः खत्म हुए अनुच्छेद 370 पर लोगों के बेबाक बोल, कहा- कुछ परिवारों की रोजी रोटी बंद हो गई
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कई लोगों के रोजगार जो केवल पर्यटकों पर ही निर्भर रहते थे, अब बंद पड़े हैं, सामान्य हो रहे हालात पर अब इन लोगों को भी अपनी रोजी चलने की आस होने लगी है। इन लोगों को न अनुच्छेद 370 से मतलब है और न ही प्रदेश की सियासत से। इन लोगों को गुमराह करके कुछ लोग अपने नापाक इरादे साधने की कोशिश कर रहे हैं।
दक्षिणी, उत्तरी और सेंट्रल कश्मीर में सौ लोगों से ज्यादा बात की गई। अधिकांश को तो इस अनुच्छेद के बारे में ही नहीं पता। जिन लोगों ने जो बताया, उनकी बात आश्चर्य से कम नहीं है। इन लोगों को बरगला कर विरोध की आग में झोंकने की कोशिश की गई है। कश्मीरियों को बरगलाने वाले लोग कौन हैं, इसका पता तो नहीं चल सका। लेकिन इतना जरूर है कि इनके इरादे नापाक हैं।
अनंतनाग के साबिर बताते हैं कि हमें नहीं पता कि 370 क्या है, लेकिन हमें बताया गया है कि हसे हटाने के बाद हम लोगों को कश्मीर में नौकरी करने का अधिकार ही खत्म हो गया है। इससे आगे साबिर को कुछ नहीं पता। फल बेच रहे रागिब डार को भी ये ही डर है कि 370 हटाने के बाद कश्मीरी यहां के स्थायी निवासी नहीं माने जाएंगे। बकौल रागिब अनुच्छेद 370 के हटाने से कुछ दिन बाद कुछ लोग इसी तरह का प्रचार करने यहां आए थे।
शोपियां में ऑटो चालक वाहिद भी अनुच्छेद के बारे में कुछ खास नहीं जानता। उसका कहना है कि इसके हटने से कश्मीरियों को सारी जमीन बाकी राज्यों के लोगों को बेचनी होगी। यह बात एक धार्मिक स्थान पर आए कुछ लोगों ने उनको बताई। विरोध करने की कसम भी दिलाकर गए थे वे लोग। ऐसा ही कुछ दिनरू का भी कहना है। दिनरू का कहना है कि हमें कोई विरोध नहीं करना पर अगर ये बात झूठी हैं तो सच सामने आना ही चाहिए। वाजिद का कहना है कि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इसके हटने के बाद हम लोगों को सस्ता राशन भी नहीं मिलेगा।