{"_id":"60d81ba1418cc63df353e59c","slug":"pm-modi-mann-ki-baat-today-pm-modi-mentioned-tariq-ahmed-of-srinagar","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मन की बात: पीएम मोदी ने किया श्रीनगर के तारिक अहमद का जिक्र, पढ़िए पानी पर तैरती एंबुलेंस की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मन की बात: पीएम मोदी ने किया श्रीनगर के तारिक अहमद का जिक्र, पढ़िए पानी पर तैरती एंबुलेंस की कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 27 Jun 2021 12:03 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
शिकारा एंबुलेंस
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में एक बार फिर जम्मू जिले के अरनिया की सीमावर्ती पंचायत तरेवा की मुखिया बलबीर कौर, श्रीनगर की डल झील में तैरती बोट एंबुलेंस बनाने वाले तारिक पतलू और बांदीपोरा के वेयान गांव का सौ फीसदी टीकाकरण के लिए नाम लेकर सराहना की। इसके बाद ये फिर सुर्खियों में है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में दूसरी बार सरपंच बलबीर कौर का लिया। बलबीर ने गत वर्ष कोविड-19 के दौर में सरपंच बलबीर कौर ने पुलिस के सहयोग से अरनिया में 50 बिस्तर का कोविड केंद्र तैयार कराया था। इसकी मन की बात में प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की थी। इस बार भी क्षेत्र में 25 बिस्तर का कोविड केंद्र तैयार किया गया। प्रधानमंत्री ने लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए बांदीपोरा के वेयान गांव का जिक्र किया। उन्होंने प्रशासन के साथ उनकी सराहना की जिनके प्रयासों से इस गांव में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों का सौ फीसदी टीकाकरण किया जा सका।
श्रीनगर के तारिक के काम को भी सराहा
पीएम ने मन की बात में जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के तारिक अहमद पतलू के काम को सराहा है। तारिक ने कोरोना को हराने और डल झील इलाके के लोगों की मदद के लिए एक एंबुलेंस बनाई है। इस शिकारा एंबुलेंस में पीपीई किट, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की सुविधा है। तारिक ने कहा कि मुझे अपने काम पर गर्व है। करीब दो महीने की मेहनत और 12 लाख रुपये की लागत के बाद वह इस शिकारा एंबुलेंस को तैयार कर पाए।
2 of 5
शिकारा एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि श्रीनगर की डल झील इलाके में एक अच्छी ख़ासी आबादी भी है जो यहां रहती है। लेकिन लोगों को परेशानी का सामना तब करना पड़ता है जब कोई बीमार होता है। ऐसे में झील निवासियों को बड़ी मुश्किल से अपने मरीज़ को शिकारे के सहारे किनारे तक लाना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए तारिक अहमद पतलू ने बीते साल अपने परिवार और दोस्तों की सहायता से डल झील में शिकारा एंबुलेंस सेवा शुरू करने का फैसला किया था। करीब दो महीने की मेहनत और 12 लाख रुपये की लागत के बाद वह इस शिकारा एंबुलेंस को तैयार कर पाए। उन्होंने बताया कि इससे पहले वर्ष 1865 में झेलम नदी में मरीजों को लाने और ले जाने के लिए एक बोट हुआ करती थी।
3 of 5
शिकारा एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
साल 2020 में कोरोना ने कश्मीर में कहर बरपाया था। महामारी की चपेट में तारिक अहमद पतलू भी आ गए थे। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत वह पहले अपने हाउसबोट में आइसोलेशन में चले गए लेकिन हालत बिगड़ी तो अस्पताल का रुख करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
शिकारा एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
जब वह अस्पताल से वापस लौटे तो डल झील के किनारे शिकारे वालों ने उन्हें उनकी हाउसबोट तक ले जाने से इनकार किया। बड़ी मुश्किल से परिवार के सदस्यों ने उन्हें घर तक पहुंचाया।
विज्ञापन
5 of 5
शिकारा एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उन्होंने शिकारा एंबुलेंस बनाने का निश्चय किया। जोकि वर्तमान में लोगों को काफी मदद पहुंचा रही है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।