भारत-चीन-विवाद के बीच रक्षा मंत्री शुक्रवार को लद्दाख के लेह पहुंचे। सिंह ने इस दौरान जवानों से मुलाकात की। उनका हालचाल जाना, साथ ही अपने हाथों से जवानों को मिठाई खिलाते हुए नजर आए। वहीं व्यू प्वाइंट पर वायुसेना और थल सेना के जवानों ने अपना पराक्रम दिखाया। पैरा कमांडोज ने युद्धाभ्यास भी किया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह के स्टाकना में पीका मशीन गन की खासियतों को परखा। राजनाथ सिंह पीका गन से निशाना साधते दिखे। इसके जरिए सिंह ने सीधे तौर पर दुश्मन को संदेश दिया कि हम शांति चाहते हैं पर अपने देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए कड़ी कार्रवाई करने से पीछे भी नहीं हटेंगे।
जानिए पीका की खासियत जिससे राजनाथ ने साधा निशाना, पलक झपकते कर देती है दुश्मन का खात्मा
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भारत में पैरा सिक्योरिटी फोर्स द्वारा इसे उपयोग किया जाता है। वजन और मारक क्षमता की वजह से पैरा के जवान इस गन पर काफी भरोसा करते हैं। पीका गन के अचूक वार लंबी दूरी तक दुश्मन को आसानी से ढेर कर देते हैं।
- पीके, पीकेएस, पीकेटी, पीकेएम, पीकेएमएस।
- अधिकतम फायरिंग रेंज: पीके (एम)- 3,800 मीटर, पीकेटी- 4,000 मीटर ।
- फायरिंग क्षमता: पीके, पीकेएम: 650 राउंड प्रति मिनट, पीकेटीः 700 से 800 राउंड प्रति मिनट।
- कारतूस: 7.62 × 54 मिमी।
- लंबाई: पीके: 1,203 मिमी, पीकेएम 1,192 मिमी, पीकेटी 1,098 मिमी।
उधर, रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर किसी ने भारत के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाई तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जवानों से कहा कि मुझे और देश को आप सब पर पूरा भरोसा है। हमें जवानों की शहादत पर दुख है। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत को हिंदुस्तान नहीं भूलेगा, आज तक भारत ने किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया। उन्होंने कहा कि एलएसी विवाद का हल निकालना चाहिए। विवाद कहां तक होगा कह नहीं सकते। विवाद सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है।
लद्दाख में जवानों ने दिखाया पराक्रम, राजनाथ ने हथियार उठाकर दिया बड़ा संकेत, देखें तस्वीरें