शांति और भाईचारे का प्रतीक ईद का त्योहार, जिसमें सारी कड़वाहटें और दुश्मनी भुलाकर एक होने का संदेश दिया जाता है, उसी पवित्र दिन पर भी घाटी में प्रदर्शनकारियों और पत्थरबाजों ने अपनी कट्टरता और कड़वाहट नहीं छोड़ी, उलटा हिंसा की आग में जल रही घाटी को और सुलगाया।
प्रदर्शनकारियों और पत्थरबाजों ने ईद की नमाज अता करने के बाद उनकी ही सुरक्षा में लगे सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और पुलिस कर्मियों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पाकिस्तानी झंडे लहराए गए। देश विरोधी नारेबाजी की गई। आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए गए।
अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप पर उपद्रवियों ने हमला किया। पथराव कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पेलेट गन का भी इस्तेमाल किया। इन हिंसक प्रदर्शनों में 30 सुरक्षा कर्मियों समेत 50 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।
20 सीआरपीएफ के जवान दक्षिण कश्मीर में ही जख्मी हुए हैं। पत्थरबाजों के हमले में एक डीएसपी रैंक और एक डीओे रैंक का अधिकारी भी चोटिल हुआ है। जानकारी के अनुसार ईद की नमाज अता करनेे के बाद समूची घाटी में प्रदर्शन और पत्थरबाजी का सिलसिला शुरू हो गया। सोपोर, पटन, अनंतनाग, राजपोरा, शोपियां, सफाकदल, काकपोरा (पुलवामा), श्रीनगर के ईदगाह, त्राल समेत कई इलाके में लोगों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में ईद की नमाज अता करने के बाद सैकड़ों युवाओं ने ईदगाह से मुख्य चौक की ओर एक रैली निकालनी चाही, जिसे पुलिस ने नाकाम बना दिया। इस दौरान हिंसा में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए, जिनमें से कई को पैलेट इंजरी भी हुई है। पट्टन के पलहालन में भी हिंसक भीड़ ने सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाया। पलहालन में करीब एक दर्जन पुलिस कर्मी घायल हुए हैं, जिनमें डीओ पलहालन भी शामिल हैं।