अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य रहने के बाद भी पिछले 17 दिनों से मोबाइल फोन सेवाएं बंद हैं। पुंछ जिले में मोबाइल उपभोक्ता भी काफी परेशान एवं दुखी हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि जिले में मोबाइल फोन सेवाएं खासकर फोन कॉलिंग बहाल कर दी जाए।
जम्मू-कश्मीरः लोग बोले- चाहे इंटरनेट न चले...बस मोबाइल से बात होती रहे, कुछ ऐसे हैं यहां के हालात
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लोगों का कहना है कि इंटरनेट चाहे न बहाल करें पर कम से कम बात करने की सुविधा तो दें। नगर के दुकानदारों का कहना है कि उनका व्यवसाय ही मोबाइल फोन से चलता है। फोन बंद होने से वह जम्मू और उसके आगे के क्षेत्रों से दुकानों के लिए सामान तक नहीं मंगवा पा रहे हैं।
दक्षिणी कश्मीर के मिडिल स्कूल में 20 फीसदी तो उत्तरी कश्मीर में 50 प्रतिशत उपस्थिति रही। श्रीनगर और बडगाम जिले में भी उपस्थिति बढ़ी है लेकिन निजी स्कूल बंद रहे। सरकारी कार्यालयों में जिला मुख्यालयों पर 70 फीसदी से अधिक हाजिरी रही। श्रीनगर के सिविल लाइंस के साथ ही अन्य इलाकों में सुबह छह से नौ बजे तक दुकानें खुल रही हैं। यहां लोगों की मौजूदगी भी दिख रही है।
श्रीनगर के पुराने शहर के कुछ इलाकों के साथ ही बटमालू, नौगाम, मोछुआ आदि इलाकों से पत्थरबाजी की खबर है। पथराव कर रहे लोगों को सुरक्षा बलों ने खदेड़ दिया। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के अनेक हिस्सों और श्रीनगर के अधिकतर हिस्सों में प्रतिबंधों में ढील दी गई है।
शहर के आवासीय क्षेत्रों, सिविल लाइंस क्षेत्र तथा अन्य जिलों के अधिकतर क्षेत्रों से बैरिकेडिंग हटा लिए गए हैं। दावा किया कि लैंडलाइन टेलीफोन सेवाएं अधिकतर स्थानों पर बहाल हो गई हैं। श्रीनगर के लाल चौक और प्रेस एनक्लेव सहित कई क्षेत्रों में लैंडलाइन टेलीफोन सेवा अब भी ठप है।