कश्मीर में बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में हुई मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी अली बाबर पात्रा ने सीमा पार के अपने आकाओं से कहा है कि उसे उसकी मां के पास पहुंचा दिया जाए। पाकिस्तानी आतंकवादी ने सेना द्वारा जारी किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि मैं लश्कर-ए-तैयबा के एरिया कमांडर, आईएसआई और पाकिस्तानी सेना से अपील करता हूं कि वे मुझे उसी तरह मेरी मां के पास वापस भेज दें। ज्ञात हो कि सेना ने उसे 26 सितंबर को मुठभेड़ के दौरान जान बख्शने की गुहार लगाने के बाद पकड़ा था। इस दौरान एक अन्य आतंकी मारा गया था।
आतंकी बाबर बोला: कश्मीर के बारे में झूठ फैला रहा पाकिस्तान, भारतीय सेना बहुत अच्छी है, मां को बताना चाहता हूं कि...
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बाबर ने कहा कि मैं दिन में पांच बार होने वाली अजान सुनता हूं। सेना का व्यवहार पाकिस्तानी फौज के एकदम विपरीत है। मुझे लगता है कि कश्मीर में शांति है। इसके उलट वे हमारे बेसहारा होने का फायदा उठाते हैं और यहां भेजते हैं। बताया कि पिता की सात साल पहले मौत हो गई थी और पैसों की कमी के चलते उसे स्कूल छोड़ना पड़ा था। सियालकोट की एक कपड़े की फैक्टरी में नौकरी की जहां मैं अनस से मिला जो लश्कर-ए-तैयबा के लिए लोगों की भर्ती करता था। आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते मैं उसके साथ चला गया।
बाबर ने बताया कि एंट्री कार्ड इमादुल्ला नाम से है। पाकिस्तानी सेना ने उसे गड़ी हबीबुल्ला के खैबर कैंप में ट्रेनिंग दी थी। वहां उसके साथ 8 और लोग थे जिन्होंने ट्रेनिंग ली। इस दौरान उन्हें एके-47 राइफल को खोलना, जोड़ना, ग्रेनेड फायर करना और फिजिकल ट्रेनिंग दी गई। उन्हें ट्रेनिंग अबू हंजला ने दी, जो पाकिस्तानी सेना का रिटायर्ड सूबेदार था।
बाबर ने बताया कि ट्रेनिंग संपन्न होने के बाद उनकी फोटो लश्कर के एरिया कमांडर के पास भेजी गई जिसने उसे सेलेक्ट किया। अपने पास बुलाकर पट्टन बारामुला का मैप बनवाया और फिर पाकिस्तानी सेना के शेर कैंप लाया गया जहां हमें एके 47, ग्रेनेड और अन्य गोला बारूद दिया गया।
बाबर ने बताया कि 18 सितंबर की रात को उनके ग्रुप ने एलओसी पर तार काटी। वह और अनस सबसे पहले इस ओर दाखिल हुए। अंदर दाखिल होते ही उनका सामना सेना की पेट्रोल पार्टी से हुआ। हम घबरा गए और बाकी के 4 साथी वापस भाग निकले। बाबर के मुताबिक हम दोनों भी वापस भागना चाहते थे लेकिन सेना ने हमें घेर लिया और आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन इस दौरान अनस ने उन पर फायरिंग कर दी और एक जवान को घायल कर दिया। सेना ने जवाबी कार्रवाई में अनस को मार गिराया।