नापाक हरकतों ने इस गांव में छोड़े निशान, पाकिस्तान की फड़फड़ाहट की गवाह हैं दीवारें, देखें तस्वीरें
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गांव का कोई ऐसा घर नहीं था जिसे पाकिस्तानी सेना ने अपने मोर्टारों का निशाना न बनाया हो। गांव में किसी घर की छत उड़ी हुई थी तो किसी की दीवार, कोई घर तो गोलाबारी में पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। गनीमत यह रही कि इस गोलाबारी में किसी का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। वरना पाकिस्तान ने तो गांव शाहपुर के ग्रामीणों को बड़ी संख्या में मौत के घाट उतारने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
गांव के सरपंच मीर मोहम्मद और नूर हुसैन का कहना है कि कल पाकिस्तानी सेना ने गांव में ऐसे गोले बरसाए जैसे खुदा ओले भी नहीं बरसाता है। गांव अप्पर शाहपुर के सरपंच नूर हुसैन का कहना है कि अकेले इस अप्पर शाहपुर में ही पाकिस्तानी सेना ने 150 के करीब मोर्टार दागे हैं जिनमें से मैंने खुद 110 मोर्टारों को फटते हुए देखा है। गांव में एक घर के आसपास 27 मोर्टार फटे हैं जबकि किसी के आसपास तीन चार से कम मोर्टार नहीं फटे हैं।
इतना ही नहीं कल पाकिस्तानी सेना ने 120 एमएम से कम कोई भी मोर्टार नहीं दागा है। यह तो खुदा ने हमें बचा लिया वरना हमारे बचने की कोई उमीद ही नहीं थी। गांव निवासी पूर्व सैनिक की विध्वा शरीफा बी जिसके दोनों बेटे कई वर्ष पूर्व माइन विस्फोट में अपंग हो चुके हैं उसके तीनों कच्चे मकान पाकिस्तानी गोलाबारी में पूरी तरह तबाह हो गए हैं जिसके गम में शरीफा बी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।
उसका कहना है कि मेरे लिए तो कल हिंदुस्तान-पाकिस्तान की जंग ही हो गई है। मेरे पास अब सर छुपाने की भी जगह नहीं है। ऐसा ही हाल गांव के दर्जनों लोगों का है जिनके मकान पाकिस्तानी गोलाबारी में बुरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।