नियंत्रण रेखा पर हर रोज होने वाले सीजफायर उल्लंघन ने सरहदी इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से चौकियों को टारगेट करके फायरिंग की जाती थी। अब चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों पर भी गोले बरसाए जा रहे हैं। इसका असर इन क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई, उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऊपर से लोगों के लिए बनने वाले बंकर भी अभी पूरी से नहीं बन पाए हैं।
एलओसी पर नहीं थम रही गोलाबारी, ग्रामीणों में दहशत, दो हजार से अधिक बार सीजफायर तोड़ चुका पाकिस्तान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 30 Sep 2019 12:16 PM IST
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