जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया। इस दौरान कश्मीर घाटी में सभी पुलिस दफ्तरों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया गया। सामाजिक दूरी और अन्य कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समारोह आयोजित किए गए। मुख्य समारोह जिला पुलिस लाइन श्रीनगर में आयोजित किया गया था। जहां आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने आतंकवाद विरोधी दिवस पर शपथ समारोह का संचालन करने में अधिकारियों और जवानों का नेतृत्व किया।
आतंकवाद विरोधी दिवस: आईजी ने कहा- हमारा मकसद घाटी में आतंकवाद को समाप्त करना है
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उन्होंने कहा कि मुठभेड़ों में फंसे स्थानीय आतंकवादियों को मौका देने के लिए हम उनके आत्मसमर्पण की सुविधा के लिए ऑपरेशन में देरी करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए हम पहले ही खेल गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य कार्यक्रमों सहित विभिन्न उपाय कर चुके हैं।
कोविड प्रोटोकॉल और अन्य दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कश्मीर स्थित सभी जिला पुलिस मुख्यालयों और सशस्त्र बटालियनों में भी इसी तरह के प्रतिज्ञा समारोह आयोजित किए गए। इन शपथ समारोहों का नेतृत्व संबंधित जिला एसएसएसपी और संबंधित कमांडेंट ने किया। पीसीआर कश्मीर में एसएसपी पीसीआर जुबैर अहमद खान के नेतृत्व में एक शपथ समारोह भी आयोजित किया गया।
वहीं आईजीपी विजय कुमार ने श्रीनगर शहर के कई स्थानों का दौरा किया। उनके साथ आईजी सीआरपीएफ श्रीनगर, डीआईजी सीकेआर, एसएसपी श्रीनगर और अन्य पुलिस और सुरक्षाबल के अधिकारी थे। दौरे के दौरान, दोनों आईजी ने लॉकडाउन आदेशों को जमीन पर सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया।
आईजीपी कश्मीर ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों के जीवन की रक्षा करना और कोविड 19 संक्रमण के प्रसार को रोकना है। अपने संदेश में दोनों आईजी ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौजूदा स्थिति की भयावहता को समझें और इसके प्रसार को धीमा करने के लिए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।