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विश्व प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह के 8 दरवाजों का हुआ नामकरण, यहीं रखा गया था पैगंबर मोहम्मद की दाढ़ी का बाल

Sun, 04 Apr 2021 06:37 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 04 Apr 2021 06:37 PM IST
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Naming of eight doors of Hazratbal Dargah in Srinagar jammu kashmir
हजरतबल दरगाह - फोटो : बासित जरगर

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड ने श्रीनगर के नगीन इलाके में स्थित हजरतबल दरगाह के नवनिर्मित आठ दरवाजों का नामकरण किया। बोर्ड के एग्जीक्यूटिव सदस्य मुफ्ती फरीदुद्दीन ने बताया कि वक्फ ने दरगाह के आसपास की नई चहारदीवारी की। इसके बाद आठ नए दरवाजे बनाए। इस्लाम धर्म के स्कॉलर्स और उलेमाओं के साथ सलाह करके इन आठ दरवाजों के नाम रखे गए हैं और आने वाले दिनों में इनके नाम उनपर लिख दिए जाएंगे।


 
Naming of eight doors of Hazratbal Dargah in Srinagar jammu kashmir
हजरतबल दरगाह - फोटो : बासित जरगर

मुफ्ती ने बताया कि इन दरवाजों के नाम बाबूल नूर, बाबुल हुदा, बाबुल सलाम, बाबुल रिजवान, बाबुल मदीना, बाबुल रहमत, बाबुल नसीम और बाबुल निशा रखा गया है। बाबुल मदीना मुख्य द्वार है और सबसे बड़ा दरवाजा है। इसकी चौड़ाई 15 फीट और ऊंचाई 20 फीट है।


 
Naming of eight doors of Hazratbal Dargah in Srinagar jammu kashmir
हजरतबल दरगाह - फोटो : बासित जरगर

बता दें कि हजरतबल एक प्रसिद्ध दरगाह है। जोकि मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। मान्यता है कि इसमें पैगंबर मोहम्मद साहब की दाढ़ी का बाल रखा हुआ है। जिससे लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। बाल को देखकर लोग दुआ मांगते हैं।

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Naming of eight doors of Hazratbal Dargah in Srinagar jammu kashmir
हजरतबल दरगाह - फोटो : बासित जरगर

इस पवित्र बाल के साल में कुछ खास मौकों पर ही लोगों के सामने लाकर दर्शन कराए जाते हैं। हजरतबल को कई नामों से जाना जाता है जैसे कि, मदिनात-अस-सनी, असर-ए-शरीफ, और दरगाह शरीफ। कश्मीरी भाषा में बल शब्द का अर्थ जगह होता है।

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हजरतबल दरगाह - फोटो : बासित जरगर

इस लिहाज से हजरतबल शब्द का अर्थ हजरत (मोहम्मद) की जगह है। फारसी भाषा में 'बाल' को 'मू' या 'मो' कहा जाता है। इसलिए हजरतबल में सुरक्षित बाल को 'मो-ए-मुकद्दस' या 'मो-ए-मुबारक' (पवित्र बाल) भी कहा जाता है। हजरतबल दरगाह डल झील की बाईं ओर स्थित है।

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