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नगरोटा हमला: तीन हफ्ते से घुसपैठ की फिराक में थे आतंकी, सीमा से सटी इस नदी के रास्ते आए जम्मू
Mon, 03 Feb 2020 01:43 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 03 Feb 2020 01:43 AM IST
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नगरोटा आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
नगरोटा में मारे गए आतंकी पिछले तीन हफ्ते से घुसपैठ की फिराक में थे। तीन आतंकियों का दल हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तान की अग्रिम पोस्टों पर देखा गया था। मौका पाकर आतंकियों ने सांबा के चक दयाला क्षेत्र से लगती सीमा से घुसपैठ की और फिर बसंतर नदी के रास्ते से हाईवे तक पहुंचे। अब तक की छानबीन में खुफिया एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंची हैं।
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नगरोटा आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि चक दयाला का इलाका सांबा जिले में आता है। आतंकियों ने घुसपैठ के बाद चक दयाला क्षेत्र में एक रात भी गुजारी। इसके बाद अगले दिन आतंकी बसंतर नदी के साथ साथ चलते हुए हाइवे पर पहुंचे और यहां ट्रक में बैठ गए। आतंकियों के पास पहले से ही ट्रक का नंबर था। उन्हें बताया गया था कि ट्रक की चारों लाइट आन होंगी। वह उसमें आकर बैठ जाएं।
नगरोटा आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
आतंकियों को कश्मीर ले जाने वाले ओजी वर्कर एवं हैंडलर समीर डार ने जम्मू के गंग्याल एरिया से पुट्टी लादी और फिर थोड़ी दूर जाकर इनके लिए हाइड आउट तैयार किया। इसके बाद ऊपर तिरपाल डाला। इसके बाद ट्रक को चीची माता मंदिर के पास जाकर खड़ा कर दिया। यहां आतंकी रात के 2 बजे तक पहुंच चुके थे।
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नगरोटा आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
सुरंग से आने का भी शक
सूत्रों की मानें तो आतंकियों के बार्डर पार से खोदी गई सुरंग के आने का भी शक है। आतंकियों ने अपने पास कटर भी रखा था। लेकिन यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि हो सकता है कि यह कटर इसलिए रखा हो, ताकि पकड़े जाने पर यहीं समझ में आए कि फेंसिंग काट कर आए थे। बहरहाल, हर पहलू को लेकर जांच हो रही है।
सूत्रों की मानें तो आतंकियों के बार्डर पार से खोदी गई सुरंग के आने का भी शक है। आतंकियों ने अपने पास कटर भी रखा था। लेकिन यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि हो सकता है कि यह कटर इसलिए रखा हो, ताकि पकड़े जाने पर यहीं समझ में आए कि फेंसिंग काट कर आए थे। बहरहाल, हर पहलू को लेकर जांच हो रही है।
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नगरोटा आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
बार्डर पर 30 से ज्यादा लोग रडार पर
दिसंबर 2019 में तीन आतंकियों का दल भी चक दयाला क्षेत्र से ही घुसा था। इसके बाद फिर से तीन आतंकियों के दल का नगरोटा तक पहुंच जाना आतंकियों के स्लीपर सेल की सक्रियता को पुख्ता करता है। खुफिया एजेंसियों ने सांबा से लेकर कठुआ जिले के सरहदी इलाकाें के 30 से ज्यादा लोगों को अपने रडार पर रखा है।
दिसंबर 2019 में तीन आतंकियों का दल भी चक दयाला क्षेत्र से ही घुसा था। इसके बाद फिर से तीन आतंकियों के दल का नगरोटा तक पहुंच जाना आतंकियों के स्लीपर सेल की सक्रियता को पुख्ता करता है। खुफिया एजेंसियों ने सांबा से लेकर कठुआ जिले के सरहदी इलाकाें के 30 से ज्यादा लोगों को अपने रडार पर रखा है।