करीब एक साल बाद माता वैष्णो की प्राकृतिक गुफा के कपाट भक्तों के लिए बुधवार को खोल दिए गए। श्रद्धालु प्राकृतिक गुफा से गुजरकर पिंडियों के दर्शन कर सकेंगे। प्राकृतिक गुफा कुछ दिन ही खुली रहेगी। मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर इस गुफा को खोला जाता था। इस वर्ष भी खोला गया परंतु कोरोना महामारी के कारण सिर्फ पूजा-अर्चना के लिए। भक्तों को वहां से जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या लगभग छह हजार पहुंचने के बाद इसे खोलने का फैसला किया गया। हालांकि गुफा कब तक खुली रहेगी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
श्रद्धालुओं के लिए खोली गई वैष्णो देवी की प्राकृतिक गुफा, कीजिए दर्शन और जानिए इससे जुड़े रहस्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान विष्णु के अंश से उत्पन्न मां वैष्णो का एक अन्य नाम देवी त्रिकुटा भी है। देवी त्रिकुटा यानी मां वैष्णो देवी का निवास स्थान जम्मू-कश्मीर में माणिक पहाड़ियों की त्रिकुटा श्रृंखला में से एक गुफा में है। देवी त्रिकुटा के निवास के कारण माता का निवास स्थान त्रिकुटा पर्वत कहा जाता है।
किस्मत वाले भक्तों को प्राचीन गुफा से माता के भवन में प्रवेश का मौका मिलता है। दरअसल यह नियम है कि जब कभी भी दस हजार के कम श्रद्धालु होते हैं तब प्राचीन गुफा का द्वार खोल दिया जाता है। आमतौर पर ऐसा शीत काल में दिसंबर और जनवरी महीने में होता है।
पवित्र गुफा की लंबाई 98 फीट है। गुफा में प्रवेश और निकास के लिए दो कृत्रिम रास्ते बनाए गए हैं। इस गुफा में एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे पर माता का आसन है जहां देवी त्रिकुटा अपनी माताओं के साथ विराजमान रहती हैं।