फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

लापता नहीं अगवा : सीआरपीएफ जवान राकेश्वर को हमले के बाद अपने साथ लेकर गए नक्सली, अब कर रहे ये डिमांड

Tue, 06 Apr 2021 12:13 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 06 Apr 2021 12:13 AM IST
सार

  • राकेश्वर सिंह का परिवार तीन दिन से फोन कर रहा, लेकिन कोई उठा नहीं रहा
  • राकेश्वर सिंह का परिवार तीन दिन से फोन कर रहा, लेकिन कोई उठा नहीं रहा
  • परिवार की प्रधानमंत्री से अपील, सकुशल घर ले आओ

विज्ञापन
maoist kidnap crpf jawan rakeshwar singh after attack in bijapur
सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मन्हास और उनका परिवार - फोटो : अमर उजाला

छत्तीसगढ़ में हमले के बाद नक्सली जम्मू निवासी सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को अगवा कर ले गए हैं। नक्सलियों की कैद में सीआरपीएफ का जवान राकेश्वर सिंह मन्हास जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। परिवार सदमे हैं। नक्सलियों के कब्जे में राकेश्वर के होने की सूचना मिलते ही उनके आवास पर शुभचिंतकों का जमावड़ा लग गया। सुरक्षा बलों के साथ ही राजनीतिक दलों के नेताओं तथा रिश्तेदारों व आस-पड़ोस के लोगों ने पहुंचकर सांत्वना दी।



राकेश्वर की मां, बहन और पत्नी भगवान से यही दुआ कर रहे हैं कि वह सकुशल घर लौट आएं। उनकी पत्नी मीनू चिब का कहना है कि शनिवार 3 मार्च को अंतिम बार पति से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि वह एक ऑपरेशन पर जा रहा हैं और अपने साथ खाना पैक कर लिया है। लौटकर फोन करेंगे, लेकिन पिछले तीन दिन से उनका फोन रिसीव नहीं हो पा रहा। रिंग जाती है, लेकिन कोई नहीं उठाता। 
 

maoist kidnap crpf jawan rakeshwar singh after attack in bijapur
अगवा जवान के परिजन - फोटो : amar ujala

राकेश्वर की मां और बहन का कहना है कि आठ दिन से उनकी बात नहीं हुई। राकेश्वर की एक छोटी बेटी भी है। पूरा परिवार हर पल नम आखों से बस एक ही दुआ कर रहा है कि वह किसी भी तरह सकुशल घर लौटकर आए। परिवार ने उप-राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि राकेश्वर को किसी भी कीमत पर जिंदा वापस लाया जाए। बता दें, नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 20 से अधिक जवान शहीद हुए हैं। राकेश्वर को नक्सली अगवा कर ले गए हैं। केंद्र सरकार उनकी रिहाई के लिए प्रयास कर रही है। मूलरूप से ज्यौड़ियां के राकेश्वर का परिवार इस समय बरनाई इलाके में रह रहा है।
 

maoist kidnap crpf jawan rakeshwar singh after attack in bijapur
जवान का परिवार चाहता है वीडियो कॉल पर बात करना - फोटो : amar ujala

वीडियो कॉल से हमारी बात करवा दें
राकेश्वर सिंह का परिवार सरकार से एक ही अपील कर रहा है कि उनकी वीडियो कॉल के माध्यम से राकेश्वर बात करवाएं, ताकि उनको तसल्ली हो जाए कि वह सुरक्षित हैं। 

सीआरपीएफ की नौकरी छोड़ दे, कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे
छत्तीसगढ़ में तैनात सीआरपीएफ के एक सूत्र ने बताया कि नक्सली राकेश्वर को बार-बार एक ही बात बोल रहे हैं कि वह सीआरपीएफ की नौकरी छोड़ दे। उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। नक्सलियों ने अपना एक संदेश भी जारी किया है कि वह राकेश्वर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
maoist kidnap crpf jawan rakeshwar singh after attack in bijapur
अगवा जवान के परिजन - फोटो : amar ujala

पुलिस और सीआरपीएफ पहुंची राकेश्वर के घर
राकेश्वर के जम्मू स्थित घर पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के कमांडेंट प्रेम चंद्र गुप्ता और दोमाना के एसएचओ महेश शर्मा पहुंचे। राकेश्वर के परिवार को सीआरपीएफ की ओर से कहा गया है कि वह लगातार छत्तीसगढ़ सीआरपीएफ के संपर्क में हैं और राकेश्वर की रिहाई के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
maoist kidnap crpf jawan rakeshwar singh after attack in bijapur
अगवा जवान राकेश्वर - फोटो : अमर उजाला

2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे राकेश्वर
परिजनों का कहना है कि राकेश्वर 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। तीन महीने पहले ही उसकी छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग हुई थी। रविवार को हुए नक्सली हमले में नक्सलियों ने उन्हें अगवा कर लिया है। उसकी शादी सात साल पहले हुई और एक पांच साल की बेटी है। मां कुंती देवी और पत्नी मीनू ने केंद्र और राज्य सरकार से राकेश्वर को नक्सलियों के कब्जे से छुड़ाने की मांग की है। उनके पिता जगतार सिंह भी सीआरपीएफ में थे। उनका निधन हो चुका है। छोटा भाई सुमित कुमार प्राइवेट सेक्टर में काम करता है। बहन सरिता की शादी हो चुकी है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed