नगरोटा में मंगलवार सुबह हुए आतंकी हमले के पहले भी कई बार आतंकवादियों द्वारा सेना के कैंपो को निशाना बनाया जा चुका है। नगरोटा में सेना के कैंप की ऑफिसर्स मेस पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिश में हमला हो सकता है।
नगरोटा के पहले सेना के उड़ी स्थित कैंप पर पाकिस्तान से आए फिदायीन आतंकियों ने हमला किया था इस हमले में सेना के कई जवान शहीद हुए जिसके बाद पीओके में भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी।
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BSF के जवानों की जवाबी कार्रवाई
- फोटो : File Photo
उड़ी हमले के चंद दिनों के बाद बारामूला में भी सेना के कैंप को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इस दौरान मोर्चे पर तैनात बीएसएफ के जवानों द्वारा जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया था।
इससे पहले साल 2013 में सितंबर महीने के दौरान मेहसर में सेना के एक कैंप पर हमला किया गया था जिसमें सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारी समेत कुल 12 लोग मारे गए थे।
आतंकियों ने मेहसर में जिस आर्मी कैंप पर हमला किया वह जम्मू संभाग के सांबा जिले के अंतर्गत आती है।