लद्दाख: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पहुंचे जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने, कहा यह टनल निभाएगी अहम भूमिका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरी होगी 30 साल पुरानी मांग
करीब 30 साल से कारगिल, द्रास और लद्दाख क्षेत्रों की जनता जोजिला टनल के निर्माण की मांग करीब 30 साल से उठा रही है। इसके निर्माण से एनएच-1 पर बर्फीले तूफानों से होने वाले हादसों से भी बचाव हो पाएगा, जिससे सुरक्षित यात्रा का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान यूपीए सरकार ने इसके निर्माण के प्रयास चालू किए थे, लेकिन तीन बार टेंडर निकाले जाने पर भी कोई कंपनी नहीं मिली थी।
2018 में रखी गई नींव, आईएलएंडएफएस घोटाले ने की देर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई, 2018 में इस परियोजना की नींव का पत्थर रखा था और इसके निर्माण की जिम्मेदारी आईएलएंडएफएस को सौंपी गई। लेकिन इस कंपनी के वित्तीय संकट में फंसकर दिवालिया घोषित होने तक पहुंच जाने के कारण 15 जनवरी, 2019 को उसका कांट्रेक्ट रद्द कर दिया गया।
इस साल फरवरी में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने परियोजना की समीक्षा की और दोनों सड़क एक ही टनल में बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके चलते पहले 10,643 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाले इस प्रोजेक्ट की लागत कम हो गई।
इसके बाद 4509,5 करोड़ रुपये का टेंडर डालने वाली मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। अब प्रोजेक्ट की कुुल लागत 6808.63 करोड़ रुपये बैैठेगी यानी सरकार को करीब 3835 करोड़ रुपये की बचत होगी।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: डल झील पर मंडराए लड़ाकू विमान, करतब देखने पहुंचे स्कूली विद्यार्थी, देखिए तस्वीरें