तुलमुला मध्य कश्मीर का गांदरबल जिला जोकि श्रीनगर से लगा हुआ है। यहां तुलमुला में कश्मीरी पंडितों का माता क्षीर भवानी मंदिर है। मंदिर के कुंड के पानी ने रंग बदल कर पांच अगस्त को हुए परिवर्तन का संकेत पहले ही दे दिया था। 25 दिन बाद धीरे-धीरे पानी अपने मूल रंग में आ रहा है लेकिन हल्का काला रंग अब भी देखा जा सकता है। कहते हैं कि जब कभी घाटी में बड़ा बदलाव या संकट या आपदा की स्थिति आने वाली होती है, मां राघन्या के कुंड में पानी का रंग बदल जाता है। स्थानीय लोगों को इसका आभास भी हो जाता है।
अद्भुत...कश्मीर में हर संकट की आहट देता है क्षीर भवानी के मंदिर का पानी, अबकी बार भी ऐसा ही हुआ
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मंदिर की देखरेख करने वाले राजेंद्र सिंह ने बताया कि महीने की शुरूआत में कुंड के जल का रंग बदल गया था। कुंड का पानी काले रंग का हो गया था। अब भी पानी का रंग बदला हुआ है लेकिन धीरे-धीरे यह अपने मूल रंग में आने लगा है। यह संकेत है कि अब हालात सामान्य की ओर बढ़ रहे हैं। बताया, इससे पहले 2008 में अमरनाथ भूमि आंदोलन, 2010 में उमर अब्दुल्ला सरकार में हिंसा, 2014 में बाढ़ तथा 2016 में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुई हिंसा के दौरान भी पानी का रंग बदल गया था। घाटी में जब आतंकवाद का दौर शुरू हुआ था, तब भी कुंड के जल का रंग बदला था।
सरकार की ओर से नौकरी पर आने का नोटिस भेजे जाने के बाद एक महिला मुलाजिम अपने सालभर के बच्चे के साथ यहां रहने के लिए आईं हैं। कहती हैं कि हालात ठीक होने पर ही काम पर जाया जा सकता है, क्योंकि सार्वजनिक वाहन चल नहीं रहे हैं।
मंदिर परिसर में बीएसएफ तथा सीआरपीएफ दोनों तैनात है। सुरक्षा बलों के जवान बताते हैं कि अवांछनीय तत्वों की ओर से लगातार माहौल बिगाड़ने तथा दहशत पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। आए दिन शरारती तत्व मंदिर के मुख्य गेट पर पत्थर बरसाकर भाग जाते हैं। हालांकि, घटनाओं के बाद और अधिक सतर्कता बरती जा रही है।