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Jammu News: शहर से 15 किमी दूरी, फिर भी कोर जागीर सड़क से दूर
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ग्राउंड रिपोर्ट
- बाढ़ के एक साल बाद भी नहीं सुधरी गांव की तस्वीर, पांच हजार की आबादी परेशान
- बीमार को पैदल पहुंचाना मजबूरी, नाले के पार 150 परिवारों को पुल का इंतजार
अंकित मिश्रा
जम्मू। शहर से महज 15 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसे कोर जागीर गांव के लोगों के लिए सड़क आज भी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। पिछले साल 26 अगस्त की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई नदौर-खैलेती पंचायत की सड़क का पुनर्निर्माण छह माह बाद शुरू तो हुआ, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि सड़क कब पूरी होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। जगह-जगह सड़क उखड़ी और असमतल होने से पांच हजार से अधिक लोगों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कई घरों तक वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं बचा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा हैं। ग्रामीणों के मुताबिक किसी मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे करीब एक किलोमीटर खराब रास्ते से पैदल ले जाकर वाहन तक पहुंचाना पड़ता है। इसमें कई बार आधा घंटा तक लग जाता है। सैन्य छावनी से होकर जाने वाला वैकल्पिक रास्ता सुरक्षा कारणों से बंद होने पर शहर की दूरी भी करीब पांच किलोमीटर बढ़ जाती है।
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68 लाख में टेंडर, गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया गया था, जबकि करीब 68 लाख रुपये में टेंडर हुआ। उनका आरोप है कि कम राशि में काम होने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है।
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नाले के पार 150 परिवार
नाले के दूसरी ओर 150 से अधिक परिवार रहते हैं। बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण नाला पार करना जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीण स्थायी पुल या सुरक्षित क्रॉसिंग की मांग कर रहे हैं।
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ग्रामीणों की आवाज
रास्ता नहीं होने से बच्चों को स्कूल भेजना भी चिंता का कारण बन गया है। सड़क का काम जल्द पूरा होना चाहिए।
- विजय कुमार, कोर जागीर
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घर में किसी की तबीयत खराब होने पर उसे खराब रास्ते से पैदल ले जाना पड़ता है। हादसे की आशंका बनी रहती है।
- सोहन लाल, कोर जागीर
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बारिश में नाले का बहाव तेज हो जाता है। आना-जाना जानलेवा बन जाता है। स्थायी पुल बनना बहुत जरूरी है।
- लीला देवी, कोर जागीर
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शहर पास होने के बावजूद सैकड़ों परिवार रोजाना सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं। निर्माण कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए।
- स्वर्णा देवी, कोर जागीर
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- बाढ़ के एक साल बाद भी नहीं सुधरी गांव की तस्वीर, पांच हजार की आबादी परेशान
- बीमार को पैदल पहुंचाना मजबूरी, नाले के पार 150 परिवारों को पुल का इंतजार
अंकित मिश्रा
जम्मू। शहर से महज 15 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसे कोर जागीर गांव के लोगों के लिए सड़क आज भी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। पिछले साल 26 अगस्त की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई नदौर-खैलेती पंचायत की सड़क का पुनर्निर्माण छह माह बाद शुरू तो हुआ, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि सड़क कब पूरी होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। जगह-जगह सड़क उखड़ी और असमतल होने से पांच हजार से अधिक लोगों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कई घरों तक वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं बचा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा हैं। ग्रामीणों के मुताबिक किसी मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे करीब एक किलोमीटर खराब रास्ते से पैदल ले जाकर वाहन तक पहुंचाना पड़ता है। इसमें कई बार आधा घंटा तक लग जाता है। सैन्य छावनी से होकर जाने वाला वैकल्पिक रास्ता सुरक्षा कारणों से बंद होने पर शहर की दूरी भी करीब पांच किलोमीटर बढ़ जाती है।
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68 लाख में टेंडर, गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया गया था, जबकि करीब 68 लाख रुपये में टेंडर हुआ। उनका आरोप है कि कम राशि में काम होने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है।
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नाले के पार 150 परिवार
नाले के दूसरी ओर 150 से अधिक परिवार रहते हैं। बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण नाला पार करना जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीण स्थायी पुल या सुरक्षित क्रॉसिंग की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों की आवाज
रास्ता नहीं होने से बच्चों को स्कूल भेजना भी चिंता का कारण बन गया है। सड़क का काम जल्द पूरा होना चाहिए।
- विजय कुमार, कोर जागीर
घर में किसी की तबीयत खराब होने पर उसे खराब रास्ते से पैदल ले जाना पड़ता है। हादसे की आशंका बनी रहती है।
- सोहन लाल, कोर जागीर
बारिश में नाले का बहाव तेज हो जाता है। आना-जाना जानलेवा बन जाता है। स्थायी पुल बनना बहुत जरूरी है।
- लीला देवी, कोर जागीर
शहर पास होने के बावजूद सैकड़ों परिवार रोजाना सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं। निर्माण कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए।
- स्वर्णा देवी, कोर जागीर