किश्तवाड़ के चिशोती में बादल फटने की घटना को सोमवार को पांच दिन हो गए। मलबे में सांसों की तलाश जारी है। आपदा में अपनों को खोने वालों की आंखें नम हैं और मन हताश है लेकिन उम्मीद बाकी है। चिशोती में करीब एक दर्जन जेसीबी और भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम चल रहा है। हादसे की घड़ी हमेशा के लिए लोगों के जेहन में बस गई है। हर किसी के पास 14 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे हुए हादसे की एक कहानी है। चिशोती लोगों की जिंदगी की परीक्षा का सबसे बड़ा मैदान बना हुआ है। यहां का आंखों देखा हाल बता रहे राकेश शर्मा...
Kishtwar Cloudburst Ground Report: आंखें नम और मन हताश...मलबे में सांसों की तलाश; पढ़ें हादसे की पांच कहानियां
राकेश शर्मा, अमर उजाला, जम्मू-कश्मीर
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 19 Aug 2025 10:59 AM IST
सार
चिशोती में खोजीदस्ते मुस्तैद हैं। जेसीबी की मदद से एनडीआरएफ उन जगहों पर शवों की तलाश में लगी है, जहां बादल फटने के बाद भारी भरकम पत्थर और मलबा खिसक कर नीचे आ गया है। यह ऑपरेशन अधिकारियों की निगरानी में चल रहा है। यहां का आंखों देखा हाल बता रहे राकेश शर्मा...
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