सफलता की कहानी: ऑटो ड्राइवर की बेटी का शानदार प्रदर्शन, जानिए 12वीं की परीक्षा में किस छात्र को मिले कितने अंक
कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने 12वीं की परीक्षा को रद्द किया था। परीक्षा रद्द होने से पहले तक विभिन्न संकायों में पांच पेपर हो चुके थे। इसके बाद सरकार ने बाकी बचे पेपर रद्द किए। बोर्ड ने अनुपात के आधार पर रिजल्ट तैयार किया। इसमें पहले हुए पेपरों में हासिल किए अंकों का औसत निकालकर अन्य विषयों में अंक दिए।
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जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने रविवार को समर जोन 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। कोरोना संकट के चलते परीक्षाएं रद्द होने के कारण इस बार बोर्ड की ओर से नए तय फॉर्मूले पर जारी यह परीक्षा परिणाम 79 फीसदी रहा है। परीक्षार्थियों में 83 फीसदी छात्राएं और 76 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार दो प्रतिशत ज्यादा परीक्षार्थी पास हुए हैं।
ऑटो ड्राइवर की बेटी ने कॉमर्स में हासिल किया पांचवां स्थान
कई होनहारों ने अपनी मेहनत के दम पर कामयाबी हासिल की है। कोरोना की चुनौती और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच कई बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। शहर के राजपुर में रहने वाले ऑटो ड्राइवर की बेटी मंशा बलडोत्रा ने कॉमर्स संकाय में मेरिट में पांचवां स्थान हासिल किया। मंशा ने कहा कि 10वीं से पढ़ाई को काफी गंभीरता से लिया था। कोविड के कारण 11वीं की भी पढ़ाई प्रभावित हुई थी, लेकिन 12वीं में एडमिशन लेने के बाद ही नियमित रूप से पढ़ाई शुरू कर दी। बोर्ड द्वारा बनाया फॉर्मूला जैसा भी हो, लेकिन अगर पूरे पेपर हुए होते तो परिणाम इससे भी अच्छा हो सकता था। अब कॉमर्स में ही उच्च शिक्षा हासिल करूंगी और फिर एमबीए करूंगी।
एसपी स्मार्ट स्कूल में पढ़ने वाली सुकृति आनंद ने ह्यूमैनिटीज संकाय में 98 फीसदी अंक हासिल किए हैं। सुकृति दिव्यांग हैं, उन्होंने कहा कि शरीरिक अक्षमता किसी को भी उसके सपनों को पाने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से नियमित रूप से ऑनलाइन पढ़ाई होती थी। परिवार, स्कूल और शिक्षकों का बेहतर सहयोग मिलने से इस कामयाबी को हासिल कर पाई हूं। मैं यूपीएसई करना चाहती हूं और अब डीयू दिल्ली से अपनी आगे की पढ़ाई करूंगी।
कोरोना के कारण स्कूल बंद रहे और इसका सबसे ज्यादा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ा। संसाधनों की कमी के कारण बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई काफी कठिन रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों ने इस मुश्किल समय में न सिर्फ अपनी मेहनत के दम सफलता हासिल की बल्कि मेरिट सूची में अपना स्थान दर्ज करवाया।
संकाय वार मेरिट की सूची की बात करें तो इस बार विज्ञान संकाय में मेरिट सूची में नाम दर्ज कराने वालों में सौ से अधिक परीक्षार्थी सरकारी स्कूलों से हैं। वहीं कला वर्ग में 33, कॉमर्स में 32, और होमसाइंस में सभी पांचों छात्राएं सरकारी स्कूलों से ही हैं।
वहीं मेरिट सूची में टॉप तीन में स्थान हासिल करने वाले सरकारी स्कूलों की बात करें तो कॉमर्स संकाय के टॉप तीन में 3, सांइस में 16, कॉमर्स में 4 परीक्षार्थी शामिल हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।