सीमा पार बैठे आतंकी संगठनों को पीएम नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल रास नहीं आ रहा। मोदी 3.0 के पहले एक महीने में जम्मू कश्मीर में 5 आतंकी हमले हुए हैं। इन पांचों हमलों में 10 नागरिकों की मौत और 5 जवान बलिदान हो गए। खासकर कठुआ में दो बार हमला हुआ।
Terror Attack: मोदी 3.0 के पहले महीने में 5 हमले, सभी जम्मू में.. आतंकियों को रास नहीं आ रहा तीसरा कार्यकाल
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि कठुआ में हमलों का बड़ा कारण इस क्षेत्र से सेना की राष्ट्रीय राइफल (आरआर ) का हटना है। आतंकी रणनीति से नहीं बल्कि अवसर देखकर हमला कर रहे हैं। वह साफ्ट टारगेट देखकर निशाना बना रहे हैं।
बनी के आगे आरआर नहीं
बनी छत्रगला, गंदोह रूट का आतंकी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह रूट चरवाहों का रूट रहा है। छत्रगला से कठुआ की तरफ सेना की राष्ट्रीय राइफल (आरआर) नहीं है। इसलिए आतंकी इस क्षेत्र में रणनीति से नहीं, अवसर देखकर हमला कर रहे हैं। वह साफ्ट टारगेट देख रहे हैं। उनसे जबरदस्ती घुसपैठ कराकर हमले कराए जा रहे हैं। जम्मू में आतंकवाद का शिफ्ट होना भी इसी का हिस्सा है। क्योंकि कश्मीर में वह साफ्ट टारगेट नहीं ढूंढ पा रहे हैं। इसलिए जम्मू में साफ्ट टारगेट बना हमला कर रहे। -विजय सागर धीमान, पूर्व ब्रिगेडियर
बार्डर पार से आए दल का ही हिस्सा
पांच हफ्ते पहले हीरानगर बॉर्डर से आतंकियों का दल घुसा था। पहले इस दल ने उधमपुर के बसंतगढ़ में वीडीजी सदस्य पर हमला किया। इसके बाद यह दल दो हिस्सों में बंट गया। एक दल ने भद्रवाह में सैन्य अस्थायी कैंप और भलेसा में पुलिसकर्मियों पर हमला किया। बाद में इस दल के तीन आतंकी डोडा में मुठभेड़ के दौरान मारे गए। दूसरा दल अभी सक्रिय है। यह दल सोमवार को सैन्य वाहन पर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल हो सकता है। -एसपी वैद, पूर्व डीजीपी
जम्मू में कब कहां हमला, किसने किया
9 जून: रियासी आतंकी हमला: आतंकी संगठन टीआरएफ
12 जून: भद्रवाह छत्रगला अस्थायी सैन्य कैंप : जैश ए मोहम्मद
12 जून: गंदोह, भलेसा पुलिस नाके पर हमला: जैश ए मोहम्मद
12 जून: कठुआ, हीरानगर: टीआरएफ लश्कर
18 जून : पुंछ में एसओजी दल पर हमला: संभवता: टीआरएफ
कश्मीर में जारी संघर्ष
कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 19 जून को बारामुला में दो आतंकियों, 6 जुलाई को कुलगाम में 4 आतंकियों को घेरकर ढेर किया था, जबकि 7 जुलाई को भी 2 आतंकी मारे गए। इस तरह से कश्मीर में आतंकियों से सेना का संघर्ष जारी है। वहां आतंकियों को हमला नहीं करने दिया जा रहा। आतंकियों को तलाश कर मारा जा रहा है।