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कश्मीर में बढ़ा तनाव, अलगाववादियों ने आर्मी कैंप के लिए निकाला मार्च, मीरवाइज और यासीन मलिक नजरबंद
Mon, 17 Dec 2018 03:47 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 17 Dec 2018 03:47 PM IST
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- फोटो : बासित जरगर
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और श्रीनगर के कुछ हिस्सों में सोमवार को अधिकारियों के पाबंदियां लगा देने के बाद सेना के चिनार कोर मुख्यालय तक होने वाला अलगाववादियों का विरोध मार्च विफल हो गया। पुलिस ने मीरवाइज उमर फारुक और मोहम्मद यासीन मलिक को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया है।
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- फोटो : बासित जरगर
यह विरोध मार्च एक मुठभेड़ में सात नागरिकों के मारे जाने के खिलाफ था। अधिकारियों ने बताया कि शहर में दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सुरक्षाकर्मियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां संवेदनशील स्थानों पर गश्त की।
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सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और मोहम्मद यासीन की प्रतिभागिता वाले संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादियों ने शनिवार को लोगों से जम्मू-कश्मीर के बादामी बाग इलाके स्थित चिनार कॉर्प्स मुख्यालय तक मार्च करने को कहा था।
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- फोटो : बासित जरगर
शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में एक मुठभेड़ स्थल पर जमा भीड़ पर सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गोली चला दी थी जिसमें सात आम लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। इसी के खिलाफ यह विरोध मार्च बुलाया गया था। इस मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए थे और एक सैनिक शहीद हो गया था।
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घटना के बाद अलगाववादियों ने तीन दिन की हड़ताल का आह्वान भी किया। अधिकारियों ने बताया कि चिनार कार्प्स मुख्यालय तक जाने वाली सड़कों को सील कर दिया गया और पुलवामा जिले तथा श्रीनगर के आठ थाना क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगा दिए गए।