रोहिंग्याओं के पास फर्जी राशन कार्ड और आधार कार्ड के बाद अब फर्जी पासपोर्ट भी मिले हैं। यह खुलासा रोंहिंग्याओं की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हुआ है। फर्जी पासपोर्ट दो लोगों के पास मिले हैं। इनके खिलाफ त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 77 दर्ज की गई है। यह पहला मामला है, जब किसी रोहिंग्या ने भारत की नागरिकता के लिए पासपोर्ट बनाया हो। इन लोगों के पास फर्जी पैन कार्ड भी हैं। जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का अहम विषय बन गया है। अब उनसे पूछताछ चल रही है कि आखिर फर्जी पासपोर्ट और पैन कार्ड बनाने का मुख्य मकसद क्या है। यहीं नहीं, रोहिंग्या बस्तियों से बहुत से लोग लापता भी हो गए हैं, जिनकी कोई सूचना नहीं मिल पा रही।
जम्मू-कश्मीर : रोहिंग्याओं के पास मिले फर्जी पासपोर्ट, आतंकवाद के साथ हो सकता है संबंध
जानकारी के अनुसार बठिंडी की चिराग कालोनी में रहने वाले अशीकर रहमान और अब्दुल गफूर पर एफआईआर दर्ज हुई है। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले की गई। प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट के 38 मामले चल रहे हैं, लेकिन रोहिग्याओं के पास ऐसे पासपोर्ट मिलना पहला मामला है।
सूत्रों का कहना है कि यह दोनों मौलवी हैं और रोहिंग्या बस्तियों में मदरसे चलाते हैं। इनके पास पासपोर्ट होना एक बड़ा मामला माना जा रहा है। जिसकी जांच की जा रही है और इसकी रिपोर्ट उच्च स्तर पर सौंपी जाएगी। यह भी जांच की जा रही है कि इन लोगों को पासपोर्ट और पैन कार्ड किसने बना कर दिया। इन लोगों की जांच भी चल रही है।
यह दोनों मौलवी हैं। जो मदरसे चलाते हैं। इनके पास पासपोर्ट होना बड़ा मामला है। पहली बार किसी रोहिंग्या ने फर्जी पासपोर्ट बनवाया है। इसका एक ही मकसद हो सकता है कि यह लोग विदेशों में आने-जाने और इसके माध्यम से आतंकवाद को समर्थन करने के लिए ऐसा करते हों। हमने कोर्ट में इसे लेकर अपना मजबूत पक्ष रखा है। -हुनर गुप्ता, रोहिंग्याओं के खिलाफ पीआईएल दायर करने वाले वकील
रोहिंग्या बस्ती से कई लोग गायब
सूत्रों के मुताबिक रोहिंग्या बस्तियों से कई लोग गायब हो गए हैं। लगभग 200 ऐसे लोग हैं, जिनके नाम वेरिफिकेशन सूची में शामिल हैं और वो मिल नहीं पा रहे। यह लोग या तो देश से बाहर चले गए हैं और या फिर अन्य बस्तियों में चले गए हैं। जिनका पता नहीं लग पा रहा।
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