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पाकिस्तान पर एक और 'सर्जिकल स्ट्राइक' करने के लिए जन-सुनवाई आज , इस परियोजना से तबाह होगा पाक

Thu, 16 Jul 2020 01:00 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 16 Jul 2020 01:00 AM IST
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jammu kashmir first multipurpose project worth 9167 crore, Ujj river water will remain in Jammu Kashmir
उज्ज नदी का 90 फीसदी पानी जम्मू-कश्मीर में रहेगा - फोटो : अमर उजाला

9167 करोड़ की राशि से तैयार होने वाली प्रदेश की पहली मल्टीपर्पज परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी में जन-सुनवाई आज प्रस्तावित है। मांडली में गुरुवार सुबह 11:00 बजे होने वाली इस जनसुनवाई के दौरान जेकेपीडीपी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। संशोधित डीपीआर को बीते महीने मिली मंजूरी के बाद यह बड़ी कवायद है इससे इस परियोजना को अमलीजामा पहनाए जाने की राह भी खुल जाएगी।

jammu kashmir first multipurpose project worth 9167 crore, Ujj river water will remain in Jammu Kashmir
उज्ज नदी का 90 फीसदी पानी जम्मू-कश्मीर में रहेगा - फोटो : अमर उजाला

भद्रवाह में कैलाश पर्वत से शुरू होने वाला उज्ज दरिया जम्मू संभाग में 100 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पाकिस्तान के नैनकोट में जाकर मिलता है। पीएमओ कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद इस परियोजना के पूर्व के स्वरूप को बदलते हुए 100 फीसदी पानी को जम्मू कश्मीर में इस्तेमाल करने पर काम किया गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान की ओर जाने वाले उज्ज दरिया के 95 फीसदी तक पानी को रोक लिया जाएगा। रावी दरिया पर शाहपुर कंडी परियोजना के तैयार होने के बाद रावी दरिया भी पाकिस्तान की ओर से लगभग सूख जाएगा।

jammu kashmir first multipurpose project worth 9167 crore, Ujj river water will remain in Jammu Kashmir
उज्ज नदी का 90 फीसदी पानी जम्मू-कश्मीर में रहेगा - फोटो : अमर उजाला

ऐसे में पाकिस्तान पर भारत की बड़ी रणनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक मानी जा रही है। सूत्र, दुनियारी, खड्ड, भिनी और तलयान का पंचतीर्थी में संगम उज्ज में पानी के वेग को बढ़ाता है। इसी जगह से इस परियोजना को तैयार किया जाना प्रस्तावित है। उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना से सांबा और कठुआ जिले के कंडी इलाकों की 24000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। पहले जहां 16000 हेक्टेयर की सिंचाई का प्रावधान था वहीं अब इसे 8000 हेक्टेयर बढ़ा दिया गया है। इसमें बिलावर की लिफ्ट सिंचाई योजनाओं को भी शामिल किया गया है।

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jammu kashmir first multipurpose project worth 9167 crore, Ujj river water will remain in Jammu Kashmir
उज्ज नदी का 90 फीसदी पानी जम्मू-कश्मीर में रहेगा - फोटो : अमर उजाला
1927 में पहली बार शुरू हुआ था सर्वे 

इस परियोजना को लेकर पहली बार जांच अमेरिकी इंजीनियरों की ओर से वर्ष 1927 में की गई थी। वर्ष 1960 में इस परियोजना की विस्तृत जांच केंद्रीय जल आयोग की ओर से शुरू की गई। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्रीय जल आयोग के साथ इस परियोजना की पहली डीपीआर वर्ष 1966 में तैयार की। जिसमें इससे 117 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य था। 2008 में इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मंजूरी दे दी गई।

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उज्ज नदी का 90 फीसदी पानी जम्मू-कश्मीर में रहेगा - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद वर्ष 2014 में इस परियोजना को लेकर कवायद फिर से तेज हुई, लेकिन परियोजना के स्वरूप को बदलने और 50 फीसदी पानी के इस्तेमाल को लेकर लिए गए फैसले के बाद इस परियोजना की डीपीआर को अंतिम रूप मिलने तक वर्ष 2020 पहुंच चुका है। परियोजना में डूब क्षेत्र को 41 से 34.5 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। वर्तमान में निशानदेही का काम जहां लगभग पूरा होने को है, वहीं वन क्लीयरेंस को भी लेकर काम जारी है।

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