राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, शरीफ अहमद, निर्वाण सिंह समेत कई दिग्गज एवं वो लोग जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की बेटियों से शादी की है, वो व उनके बच्चे भी डोमिसाइल के पात्र हो सकेंगे। सचिन पायलट ने नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान फारूक अब्दुल्ला की बेटी सारा अब्दुल्ला से शादी की है। पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती की बहन रुबिया सईद ने दक्षिण भारत के बिजनेसमैन शरीफ अहमद से शादी की है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के नाती निर्वाण सिंह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह की पौत्री मृगांका सिंह से विवाह किया है। इसी तरह गुमाम नबी आजाद की बेटी सोफिया आजाद की शादी भी दक्षिण भारत के कारपोरेट घराने में हुई है।
खुश तो बहुत होंगे जम्मू-कश्मीर के दामाद: 'जमाई राजा' हों या 'बहूरानी' दोनों को मिलेगा अधिवास का लाभ
अब अगली कड़ी में बाहर शादी करने वाली बेटियों के बच्चों को भी डोमिसाइल का हकदार बनाया जा सकता है। हालांकि इस मामले पर अभी कोई जिम्मेदार अधिकारी पुष्टि करने के लिए तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार डोमिसाइल नियमों का संशोधन हुआ है। भविष्य में जो भी फैसला सरकार लेगी वैसी ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि जम्मू संभाग में डोमिसाइल नियमों में संशोधन का स्वागत हो रहा हैं। डोमिसाइल संशोधन पर कश्मीर संभाग से अभी खुलकर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 20 जुलाई देर रात अधिसूचना जारी कर डोमिसाइल नियमों में सातवां क्लॉज जोड़ा है जिसे जीवनसाथी के लिए डोमिसाइल की श्रेणी बताया गया है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर की डोमिसाइल महिला अथवा पुरुष से शादी करने वाले जीवनसाथी को भी डोमिसाइल प्राप्त करने का अधिकार होगा।
इससे पूर्व जम्मू-कश्मीर डोमिसाइल नियमों में 15 वर्ष तक जम्मू-कश्मीर में रहने वाले, जम्मू-कश्मीर में दसवीं या बारहवीं की परीक्षा देने वाले वे विद्यार्थी जिनकी सात वर्ष तक यहीं पढ़ाई हुई हो, केंद्रीय विभागों, स्वायत्त संस्थाओं अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के उन मुलाजिमों के बच्चे जो जम्मू-कश्मीर में दस वर्ष तक सेवाएं दे चुके हों, राहत एवं पुनर्वास विभाग में विस्थापित के रूप में पंजीकृत व्यक्ति, जम्मू-कश्मीर के उन निवासियों के बच्चे जो कारोबार अथवा अन्य पेशागत कारणों से जम्मू-कश्मीर से बाहर रहने वालों को ही डोमिसाइल के लिए आवेदन का पात्र माना गया था।
डोमिसाइल नियमों में संशोधन का लाभ दामाद हो या बहू दोनों को मिलेगा। सामान्य प्रशासनिक विभाग के प्रशासनिक सचिव मनोज कुमार द्विवेद्धी का कहना है कि आदेश लिंग विशिष्ट नहीं हैं। जम्मू कश्मीर की बेटी की अगर प्रदेश से बाहर शादी होती है तो उसके पति भी डोमिसाइल के हकदार हो जाएंगे। इसी तरह अगर प्रदेश का कोई बेटा जम्मू-कश्मीर से बाहर शादी करता है तो उसकी पत्नी भी जम्मू-कश्मीर में डोमिसाइल की हकदार होगी।