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अयोध्या फैसले के बाद घाटी का माहौलः जम्मू-कश्मीर के नेताओं का कुछ ऐसा रहा रिएक्शन

Sun, 10 Nov 2019 10:56 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 10 Nov 2019 10:56 AM IST
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Jammu Kashmir atmosphere on decision of Ram temple verdict in Ayodhya
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध - फोटो : बासित जरगर

अयोध्या फैसले को लेकर घाटी में मिली मिलीजुली प्रतिक्रिया है। किसी ने इस फैसले का स्वागत किया है तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं। जबकि कुछ राजनीतिक दल के नेता इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस फैसले के आने से पूर्व ही मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीनगर समेत घाटी के लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए।

Jammu Kashmir atmosphere on decision of Ram temple verdict in Ayodhya
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध - फोटो : बासित जरगर

श्रीनगर के डाउनटाउन के साथ-साथ घाटी के लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई थी। उन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और धारा-144 लागू की गई थी। इतना ही नहीं सरकार द्वारा सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया था।


 

Jammu Kashmir atmosphere on decision of Ram temple verdict in Ayodhya
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध - फोटो : बासित जरगर

भाजपा के युवा नेता ज़ुबैर अहमद ने कहा कि कानून का कोई मजहब नहीं होता। अयोध्या मामले पर जो फैसला आया है उसका स्वागत करना चाहिए। क्योंकि यह रातों रात आया फैसला नहीं है। इस पर वकीलों ने बहस की है। हर किसी के अपने मजहबी जज्बात होते हैं। मैं मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील करता हूं कि सभी को इसका स्वागत करना चाहिए। इसको अंत नहीं मानना चाहिए अगर इसके अलावा और भी कोई मांगें हैं हमें प्रधानमंत्री के सामने अपील करनी चाहिए। भाजपा हमेशा मुसलमानों के साथ है।

 

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Jammu Kashmir atmosphere on decision of Ram temple verdict in Ayodhya
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध - फोटो : बासित जरगर

राज्य के दो बडे़ राजनीतिक दल पीडीपी और नेकां के लगभग सभी नेता इस पर प्रतिक्रिया देने से बचते दिखे। अधिकतर नेताओं ने फोन नहीं उठाया और कुछ जिन्होंने फोन उठाया उन्होेंने इस मामले पर बेखबर होने की बात कही। नेकां के पार्लियामेंट सदस्य हसनैन मसूदी अयोध्या मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर कोई भी टिप्पणी करने से बचते नजर आए।

 

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संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध - फोटो : बासित जरगर

अमर उजाला के साथ फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभी न्यायालय का फैसला नहीं सुना है। मसूदी ने कहा कि यहां भीषण बर्फबारी के चलते बिजली नहीं है, जिसके कारण टीवी पर वह इससे संबंधित कुछ नहीं देख पाए हैं। जब वह फैसले को पूरी तरह से समझ लेंगे तब ही कुछ बोल पाएंगे। 

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