दशकों से आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर अब नए वातावरण में सांस ले रहा है। प्रदेश के युवा आतंकवाद और नशे की लत से दूर अब अपने सुनहरे भविष्य की और अग्रसर है। यहां के युवाओं का सिविल सेवाओं के प्रति रूझान बढ़ रहा है। पिछले सात सालों की बात करें तो हर वर्ष प्रदेश से औसतन दो से तीन युवाओं का सिविल सेवा में चयन हो रहा है। कम संसाधन और अशांत माहौल के बीच भी युवा अपने सुनहेरे भविष्य की ओर अग्रसर हैं।
अब नए वातावरण में सांस ले रहा है दशकों से आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर, ये रिपोर्ट खुश कर देगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 22 Apr 2021 05:43 PM IST
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