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अब नए वातावरण में सांस ले रहा है दशकों से आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर, ये रिपोर्ट खुश कर देगी

Thu, 22 Apr 2021 05:43 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 22 Apr 2021 05:43 PM IST
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Jammu and Kashmir Suffering from terrorism for decades is now breathing in new environment
आतंकवाद - फोटो : अमर उजाला

दशकों से आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर अब नए वातावरण में सांस ले रहा है। प्रदेश के युवा आतंकवाद और नशे की लत से दूर अब अपने सुनहरे भविष्य की और अग्रसर है। यहां के युवाओं का सिविल सेवाओं के प्रति रूझान बढ़ रहा है। पिछले सात सालों की बात करें तो हर वर्ष प्रदेश से औसतन दो से तीन युवाओं का सिविल सेवा में चयन हो रहा है। कम संसाधन और अशांत माहौल के बीच भी युवा अपने सुनहेरे भविष्य की ओर अग्रसर हैं। 



 

Jammu and Kashmir Suffering from terrorism for decades is now breathing in new environment
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

बीते सात वर्षो की बात करें तो प्रदेश में 80 से अधिक युवाओं ने सिविल सेवा में शामिल होने का गौरव हासिल किया है। 2020 में यूपीएससी द्वारा घोषित परिणाम में प्रदेश के 16 होनहारों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कामयाबी पाई थी। इसके बाद यूपीएसी द्वारा जारी आरक्षति सूची में प्रदेश के तीन युवाओं ने परीक्षा में कामयाबी पाई।
 

Jammu and Kashmir Suffering from terrorism for decades is now breathing in new environment
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

यूपीएसई में शाह फैसल, अतहर आमिर, नादिया बेग, अभिषेक अगस्त्य जैसे होनहार युवाओं की कामयाबी आज प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।  2016 में 10, 2017 में 14, 2018 में 15, 2019-20 में 16 और आरक्षित सूची में तीन युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल की।


 
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Jammu and Kashmir Suffering from terrorism for decades is now breathing in new environment
जम्मू कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश के युवाओं को सिविल सेवा के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए अब जम्मू और श्रीनगर में नामी कोचिंग सेंटर खुल रहे हैं।

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जम्मू कश्मीर
इससे अब अभ्यार्थियों को दिल्ली, चंडीगढ़ सहित अन्य मेट्रो शहरों में कोचिंग के लिए नहीं जाना पड़ रहा है।
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