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Terror Network: बनी-लोहाई मल्हार पर फिर आतंकी साया, पहाड़ों पर सेना की वापसी, दो कंपनियों ने संभाला मोर्चा
साहिल खजुरिया, कठुआ
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 16 Jun 2024 03:34 PM IST
सार
पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा की जिम्मेदारी फिर सेना को मिल गई है। बनी और मछेडी दोनों ही इलाकों में सेना की वापसी हो गई है। दोनों जगह सेना की एक-एक कंपनी तैनात कर दी गई है।
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रियासी में सर्च ऑपरेशन
- फोटो : एजेंसी
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पंजाब के साथ लगते जम्मू कश्मीर जिला कठुआ के पहाड़ी इलाके सरथल से सटे छत्रगलां और लोहाई मल्हार से सटे बसंतगढ़ में आतंकी हमलों के बाद अब सेना ने यहां मोर्चा बांध लिया है। पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा की जिम्मेदारी फिर सेना को मिल गई है।
बनी और मछेडी दोनों ही इलाकों में सेना की वापसी हो गई है। दोनों जगह सेना की एक-एक कंपनी तैनात कर दी गई है। श्री अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले आतंकियों के सफाए के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
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सुरक्षाबल (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
सूत्रों के अनुसार, स्थायी तौर से बनी से हटाई गई सेना की वापसी लगभग छह महीने बाद हुई है। हालांकि सेना को हटाने की प्रक्रिया वर्ष 2015 में शुरू की गई थी। इन इलाकों को शांतिपूर्ण बताते हुए और आतंकियों की मौजूदगी खत्म होने के बाद सेना को धीरे-धीरे कर हटा लिया गया था।
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सुरक्षाबल (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
जिले का पहाड़ी उपमंडल बनी और बिलावर का लोहाई मल्हार इलाका बीते साढ़े तीन दशक से बेहद संवेदनशील रहा है। 90 के दशक में अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के बाद आतंकी नदी-नालों से होते हुए जिले के पहाड़ी इलाकों में रुकते रहे। जिससे इन इलाकों में दहशत थी।
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सुरक्षाबल (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
लोआंग इलाके से कई युवाओं को आतंकी राह पर भी ले जाया गया, जिनका समय के साथ सफाया कर दिया गया। ऐसी ही रणनीति आतंकियों ने लोहाई मल्हार के इलाकों में भी अपनाई। लेकिन बीते एक दशक तक आतंक का सेना ने इन इलाकों में पूरी तरह से सफाया कर दिया। बाकायदा मददगारों के रूप में काम कर रहे स्लीपर सेल भी ध्वस्त किए गए, जिसके बाद पाकिस्तान ने रणनीति बदल दी थी।
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सुरक्षाबल
- फोटो : एजेंसी
आतंकी हमलों के बाद स्थानीय लोग कर रहे थे सेना की मांग
हाल फिलहाल की आतंकी वारदातों के बाद साफ हो गया है कि पाकिस्तान एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में आतंक को जिंदा करने की फिराक में है। ऐसे में स्थानीय लोग भी सेना की वापसी की मांग कर रहे थे। शनिवार को बनी और मछेड़ी के इलाके में सेना के पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। किसी भी गतिविधि पर फौरी कार्रवाई के लिए अब सेना इन इलाकों में लगातार गश्त करने वाली है।
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