जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा के अलावा अन्य जिलों के कंडी क्षेत्रों में 100 हेक्टेयर में एलोवेरा उगाने के साथ प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएं। ये निर्देश शनिवार को प्रदेश बागवानी विभाग के प्रमुख सचिव नवीन कुमार चौधरी ने बागवानी परिसर तालाब तिल्लो में बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए। कहा कि इससे किसानों को लाभ होगा और उनकी आजीविका के साधन बढ़ेंगे। प्रमुख सचिव ने विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों विशेषकर पौधरोपण की प्रगति की समीक्षा की। पौधरोपण अभियान तेज करने के लिए कहा। मुख्य उद्यान अधिकारियों ने अध्यक्ष को अपने-अपने जिलों में फलदार पौधे लगाने और फसलों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने जैतून के तेल के उत्पादन के लिए रामबन में एक जैतून तेल निष्कर्षण संयंत्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए। इस बात पर जोर दिया गया कि उत्पादन बढ़ाने के अलावा फसलों की उपज, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को समूह में विभिन्न फसलों के रोपण के लिए क्षेत्रों का चयन करने और क्षेत्र विशिष्ट फसलों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।
जम्मू-कश्मीर: कंडी क्षेत्रों में 100 हेक्टेयर में उगाएं एलोवेरा, प्रसंस्करण इकाइयां हों स्थापित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिकारियों को विभाग की पौधशाला विकास योजना के अनुसार निजी उद्यमियों को उच्च सघनता वाले फलदार पौधशालाओं के विकास के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए और यह भी सलाह दी कि मुख्य उद्यान अधिकारी एवं मुख्य कृषि अधिकारी मासिक आधार पर नियमित रूप से बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार करें।
कृषक समुदाय की बेहतरी के लिए योजनाएं बनाना और लीची के बागों के खाली स्थानों में सब्जियां, औषधीय पौधे लगाने के लिए कहा गया। बैठक में डायरेक्टर बागवानी जम्मू राम सेवक और डायरेक्टर कृषि जम्मू केके शर्मा भी मौजूद रहे। प्रमुख सचिव ने तालाब तिल्लो में बागवानी संग्रहालय और सुविधा सह बिक्री केंद्र का भी दौरा किया।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: जम्मू शहर को स्मार्ट सीटी बनाने की तैयारी, बड़े प्रोजेक्टों पर काम शुरू